ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह
कौशाम्बी : किसानों और मजदूरों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट ने बुधवार से चायल तहसील परिसर के गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। जिला अध्यक्ष चंदू तिवारी की अध्यक्षता में बड़ी संख्या में किसान नेता और कार्यकर्ता टेंट लगाकर धरने पर बैठे। किसानों ने प्रशासन से अपनी विभिन्न समस्याओं का तत्काल समाधान कराने की मांग की। जिला अध्यक्ष चंदू तिवारी ने कहा कि किसानों और मजदूरों को लंबे समय से न्याय नहीं मिल पा रहा है। कई मामलों में अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद समाधान नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने मांगों का निस्तारण नहीं किया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा और प्रदेशभर के किसान इसमें शामिल होंगे। किसानों की प्रमुख मांगों में ग्राम सभा पेरई में गाटा संख्या 765 की भूमि पर कथित अवैध कब्जे की जांच और कार्रवाई, बरेठी कमालपुर में गाटा संख्या 1078 पर तालाब की मिट्टी डाले जाने की शिकायत का निस्तारण तथा लोधउर में गाटा संख्या 428 स्थित ट्यूबवेल के विवाद का समाधान शामिल है।
इसके अलावा पद्मपुर सुरसेनी में खेत के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की झूलती विद्युत लाइन को दुरुस्त कराने, रसूलपुर बदले में किसान रामनिवास की भूमिधरी भूमि पर कब्जा दिलाने, पट्टी परवेजाबाद बड़ागांव में राम कुमार की पैतृक भूमि का कब्जा दिलाने की मांग की गई। किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री में आ रही दिक्कत के कारण खाद-बीज उपलब्ध कराने की वैकल्पिक व्यवस्था, बिजली कटौती दूर कर धान की सिंचाई सुनिश्चित करने, मखऊपुर में जलभराव की समस्या के लिए नाले का निर्माण कराने और बारिश में गिरे कच्चे मकानों का सर्वे कर मुआवजा दिलाने की मांग भी रखी गई है। मखऊपुर पिपरी में चकबंदी संबंधी फाइल का निस्तारण, गांव में सफाईकर्मी की नियुक्ति तथा चायल खास के जर्जर भवन में संचालित यूनानी अस्पताल के लिए नई बिल्डिंग बनवाने की मांग भी धरने में उठाई गई। किसानों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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