रिपोर्ट-राकेश दिवाकर
कौशाम्बी : चायल राष्ट्रीय मीडिया महासंघ एनएमसी की जिला कौशाम्बी इकाई के आह्वान पर बुधवार को चायल तहसील में पत्रकार एवं पत्रकार हित में पत्रकारों ने आवाज बुलंद करते हुए उपजिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल के नाम छः सूत्रीय ज्ञापन सौंपा इस ज्ञापन कार्यक्रम में एनएमसी के साथ चायल तहसील का स्थानीय पत्रकार संगठन चायल प्रेस क्लब एवं विश्व पत्रकार महासंघ भी सड़कों पर उतर कर पत्रकारिता जगत के न्याय हेतु शामिल हुआ ।
बताते चलें कि बीते दिनों हाथरस काण्ड में समाचार कवरेज के दौरान स्थानीय प्रशासन द्वारा मीडिया कर्मियों खासकर महिला मीडिया कर्मियों के साथ किये गए अभद्रता पर शीर्ष पत्रकार संगठन राष्ट्रीय मीडिया महासंघ एनएमसी एवं सहयोगी संस्थान साइबर जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन सीजेए के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर उत्तर प्रदेश इकाई द्वारा लगातार प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया जा रहा है जिसके क्रम में बुधवार को राष्ट्रीय मीडिया महासंघ एनएमसी की कौशाम्बी जिला इकाई ने चायल तहसील में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन कार्यक्रम में राष्ट्रीय मीडिया महासंघ एनएमसी के प्रदेश अध्यक्ष इश्तियाक अहमद बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहें, वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में संगठन के प्रयागराज मण्डल उपाध्यक्ष सुरेश सिंह एवं चायल प्रेस क्लब के अध्यक्ष साईदुर्रहमान उर्फ मुन्ने खां उपस्थित रहें। कार्यक्रम की अध्यक्षता एनएमसी जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार ने की जबकि कार्यक्रम प्रभारी मेराज़ मंसूर (जिला संगठन मंत्री) एवं सहयोगी के रूप में असग़र अली, इरशाद अहमद एवं विशाल कुमार शाहू ने शिरकत कर बाखूबी निभाया है।
संगठन द्वारा राज्यपाल को भेजे गए छः सूत्रीय ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि विभिन्न प्रदेश में लागू पत्रकार सुरक्षा कानून एवं पत्रकार पेंशन को उत्तर प्रदेश में भी लागू किया जाए साथ ही कोरोना काल में जिस प्रकार से सरकारी तंत्र से जुड़े फ्रंटलाइन वर्कर्स को सरकार ने कोरोना वारियर कोरोना योद्धा का खिताब देकर सम्मान दिया है वैसे ही मीडिया को भी शामिल कराया जाए व उक्त कर्मचारियों को कोरोना के दौरान मिलने वाली सुविधाओं से मीडिया कर्मियों को भी लाभान्वित किया जाए, इतना ही नहीं मांग पत्र में लिखा गया है कि समूचे प्रदेश में जिला, तहसील, ब्लॉकवार पत्रकारों मान्यता प्राप्त, गैर मान्यता प्राप्त का रिकॉर्ड दर्ज कराया जाए एवं पत्रकारों को शासकीय विभागों द्वारा सम्मान व सहयोग दिए जाने की मांग के साथ बताया गया कि पुलिस विभाग से मांग है कि पत्रकारों को अपना दुश्मन न समझते हुए अपने सहयोगी की भांति सलूक करें क्योंकि पत्रकार आलोचना करने वाला जरूर होता है या हो सकता है जिसका कतई मायने दुश्मनी का नहीं होता है, आखिरी मांग में पुनः हाथरस में बीते दिनों समाचार कवरेज़ के दौरान मीडियाकर्मियों खासकर महिला मीडिया कर्मियों से अभद्रता करने वाले स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के लोगों पर बर्खास्तगी के साथ ही दंडात्मक कार्यवाही भी किये जाने की पुरजोर मांग की गई है ।
इस दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए राष्ट्रीय मीडिया महासंघ एनएमसी के प्रदेश अध्यक्ष इश्तियाक अहमद ने कहा है कि महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ राज्य की तर्ज पर उत्तर प्रदेश सरकार को भी सूबे में पत्रकार सुरक्षा कानून एवं पत्रकार पेंशन लागू कर देना चाहिए जिसकी मांग हम करते रहेंगे, आगे उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार हर स्तर पर कानून व्यवस्था के मामले में फिसड्डी साबित हुई है जिसके चलते आये दिन कहीं न कहीं कोई जघन्य अपराध की खबर दिखाई व सुनाई देती है जिसमें हमारा पत्रकार साथी भी अपराधियों के आतंक से पीड़ित है व न जाने कितने पत्रकार साथी शहीद हुए हैं ऐसे में राष्ट्रीय मीडिया महासंघ एनएमसी का समूचा शीर्ष नेतृत्व तथा प्रत्येक प्रदेश व जिला, तहसील एवं ब्लॉक हर जगह से न्याय की आवाज़ उठाते हुए हर शहीद पत्रकार को न्याय व सम्मान की बात तब तक करता रहेगा जब तक पत्रकार समाज को सरकार गंभीरता से न समझे, इसी क्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए सुरेश सिंह एवं सईदुर्रहमान उर्फ मुन्ने खां ने भी सरकार से पत्रकारों के प्रति गंभीर होते हुए हर यथासंभव मदद देने की बात कही, वहीं जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार ने उपस्थित पत्रकारों से कहा कि पत्रकार न्याय के लिए एवं लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कुचलने वालों के विरुद्ध संवैधानिक तरीके से हम सब एकजुट हो कर आवाज़ उठाने का काम अवश्य करें ।
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