रिपोर्ट-गजेन्द्र सिंह
झांसी : जनपद के मऊरानीपुर सर्किल में कल रात्रि को जोरदार हुई वर्षा का असर अब ग्रामीण क्षेत्रों मे दिखाई देने लगा है जानकारी के अनुसार मऊरानीपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम चुरारा मथूपुरा के मध्य बने बरसाती पानी के संग्रह के लिए मथूपुरा डेम के लबालब होने के बाद वहाँ से छोड़ा गया पानी कुडार नदी मे आता है। उसी के तहत ज़ब आज सुबह डेम के गेट बरसाती पानी निकासी के लिए खोले गए तो लगभग 2 घंटे बाद डेम का पानी और क्षेत्र मे हुई बर्षा का पानी इक्क्ठा विकराल रूप धारण कर पठा, ढकरवारा,आदि से निकली कुडार नदी मे आ गया जबकि इन ग्रामों से शहर मुख्यालय जाने के लिए एक मात्र रास्ता इन्ही ग्रामों मे बने रपटे से गुजरता है। जिस बजह से आबाजाही कर रहे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा,जो ग्रामीण, बाहरी व्यक्ति राहगीर जिनमे महिलाएं बच्चे भी शामिल थी अपने घर से सुबह खेतों एवं किसी दूसरे ग्राम या किसी कार्य हेतु कही बाहर गए हुए थे जब वह 11से बाद वापस आये तो ग्राम पठा मे बने रपटे पर लगभग 3 फुट पानी आ गया था जिस वजह से राहगीर लगभग 6 घंटे तक भूखे प्यासे रपटे के किनारे पानी घटने का इन्तजार करते रहे और कुछ राहगीर जान जोखिम मे डालकर रिपटा पार करते नज़र आये और एक ग्रामीण के पानीे मे निकलते समय पठा रपटे पर तेज धार होने की वजह से नदी मे बह जाने की खबर भी मिली लेकिन स्थानीय ग्रामीणों की मदद से ग्राम पठा मे कुडार नदी मे बहे व्यक्ति को सुरक्षित बचा लिए गया। वही रपटे पर फसे राहगीरों से बात करने पर उन्होंने बताया की लगभग पांच छह घंटे से हम सब लोग बुरी तरह यहां फसे हुए है हमारी सुध लेने बाला कोई नहीं है शासन, प्रशासन और स्थानीय प्रधान द्वारा हमारी कोई मदद नहीं की गयी। कुलमिलाकर देखा जाए तो अगर कुछ घंटों की वर्षा से शासन, प्रशासन का यह हाल है तो फिर सरकार द्वारा बरसात के समय मे किये गए सुरक्षा के दावो मे की सच्चाई, कुछ और हाल वया करती है ।
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