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बंधुत्व में बड़ी से बड़ी मुश्किलों को हल निकालने की रही है हमारी परंपरा-राजेन्द्र निगम...


ब्यूरो रिपोर्ट-जतन सिंह


महोबा : हमारी पुरानी परंपरा रही है कि गांव में कितनी बडी मुसीबत क्यो न आयी हो गांव वाले मिलजुलकर उस मुसीबत का हल निकाल ही लेते थे चाहे प्राकृतिक आपदाये , महामारी हो चाहे शादी विवाह हो और चाहे किसी का दुःख सुख हो सभी के अच्छे और बुरे समय में लोग परस्पर सहयोग करते थे और सभी धर्म पंथ के समुदाय और उनकी आस्थाओ का सम्मान करते थे यह हमारे समाज की अमूल्य धरोहर और संस्कृति रही है जो हमारे संवैधानिक मूल्यो को मजबूती प्रदान करता था किंतु वर्तमान समय में इसका हास होता जा रहा है कोरोना जैसी महामारी को भी हम अभी भेदभाव के नजरिये से देख रहे है यह महामारी किसी जाति धर्म को देखकर नहीं होगी जो भी व्यक्ति मास्क नहीं लगायेगा दो गज की दूरी का पालन नहीं करेगा, हाथ धोने की आदत नहीं डालेगा , सार्वजनिक स्थलो मे जाने से बचेगा तो वह और उसका परिवार तथा समाज के लोगो को सुरक्षा प्रदान करेगा और यह तभी संभव है कि हम सब मिलजुलकर एकता तथा बंधुता के साथ दृढसंकल्प होकर इसका पालन करे और दूसरे को प्रेरित करे और एैसा न करने पर उसे टोके साथ ही पीडित और पीडित के परिवार से नफरत न कर उससं सहानुभूति रखे और उसका हौसला बढाये ,और आवश्यक सहयोग करे उपरोक्त जानकारी सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र निगम ने आज दिनांक 26 नवम्बर 2020 को संविधान दिवस के अवसर पर ग्राम सलारपुर मे मुहल्लेवार छोटे छोटे समूह मे बैठकर लोगो को दिया, संविधान साथी सुशील नेबताया कि दिनांक 26 नवम्बर को संविधान दिवस पूरे देश में मनाया जाता है उन्होने बताया कि संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 ई को संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष श्री डा0 सच्चिदानंद सिन्हा की अध्यक्षता मेे हुयी थी इसके तत्काल बाद देश का विभाजन दो हिस्सों भारत और पाकिस्तान मे हो गया इसलिये संविधान सभा भी भारत और पाकिस्तान दो हिस्सों मे बंट गयी ।भारतीय संविधान सभा मेे 299 सदस्य थे डा0 राजेन्द्र प्रसाद को संविधान निर्मात्री सभा का स्थायी अध्यक्ष बनाया गया और डा0 भीमराव अंबेडकर जी को संविधान निर्माण की प्रारूप समिति का अध्यक्ष बनाया गया । संविधान के पा्ररूप की प्रत्येक धारा पर संविधान सभा में कई कई दौर की लंबी चर्चाये हुयी 114 दिनों की लंबी चर्चाओं के बाद 26 नवम्बर 1949 को भारत का लिखित संविधान बनकर तैयार हुआ । 26 नवम्बर 1949 को भारतीय संविधान को संविधान सभा में अंगीकृत आत्मार्पित अधिनियमित किया इसलिये इस दिन को संविधान दिवस के रूप मे और 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू किया गया था इसे गणतंत्र दिवस के रूप मे मनाते है हमारा उद्देश्य है कि हमारा समाज अपने संविधान के बारे में जाने तथा अपने संवैधानिक मूल्यो स्वतंत्रता न्याय बंधुता और समता के सही मायने को समझे और उसे अपने जीवन मे अपनाये हमारे समाज और संविधान की सबसे बडी मजबूती आपसी भाईचारा, प्रेम और परस्पर सहयोग के साथ प्रत्येक नागरिक का सम्मान करना है सभी साथियो को बंधुता से रहने और कोविड 19 प्रोटोकाल का पालन करने की शपथ दिलायी गयी, इस कार्यक्रम मे ग्राम सलारपुर के श्री रामआसरे गयाप्रसाद कल्लू मत्थी आदि ने अपना सहयोग प्रदान किया ।

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