ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह
कौशाम्बी : मूरतगंज विकासखंड के सफाई कर्मियों ने सोमवार को खंड विकास कार्यालय परिसर में प्रदर्शन कर पॉलिथीन और प्लास्टिक कचरा एकत्र कराने के विरोध में नाराजगी जताई। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे सफाई कर्मियों ने एडीओ पंचायत से मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताईं। ब्लॉक अध्यक्ष संजीव कुमार के नेतृत्व में उच्च अधिकारियों को ज्ञापन देकर मामले में कार्रवाई की मांग की गई। सफाई कर्मियों का आरोप है कि उनसे बिना किसी स्पष्ट आदेश के ग्राम पंचायतों से पॉलिथीन और पन्नी बिनवाकर प्रतिदिन करीब पांच किलो प्लास्टिक कचरा एकत्र कराया जा रहा है। इसके बाद इसे पुरखास ग्राम पंचायत स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट तक पहुंचाने का दबाव बनाया जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि कूड़ा-करकट के बीच से पॉलिथीन एकत्र करने और उसे प्लांट तक पहुंचाने में काफी समय लग रहा है। इससे उनकी नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
ब्लॉक अध्यक्ष संजीव कुमार ने आरोप लगाया कि जिले में आठ विकासखंड हैं, लेकिन केवल मूरतगंज ब्लॉक के सफाई कर्मियों से ही पॉलिथीन एकत्र कराने का काम कराया जा रहा है। उनका कहना है कि सफाई कर्मियों पर रोजाना निर्धारित मात्रा में पॉलिथीन जुटाने का दबाव रहता है। इससे गांवों में नालियों, रास्तों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई का कार्य प्रभावित हो रहा है।
एडीओ पंचायत ने आरोपों को बताया निराधार...
वहीं, सफाई कर्मियों के आरोपों को एडीओ पंचायत ने निराधार बताया है। विभागीय पक्ष के अनुसार प्लास्टिक कचरा एकत्र करने की व्यवस्था केवल मूरतगंज ब्लॉक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यवस्था जिले के सभी ब्लॉकों में संचालित की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्लास्टिक कचरे के निस्तारण और सड़क निर्माण में उसके उपयोग का उद्देश्य कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाना है।
प्लास्टिक कचरे का सड़क निर्माण में होता है इस्तेमाल...
विभागीय व्यवस्था के अनुसार ग्राम पंचायतों से एकत्र पॉलिथीन और प्लास्टिक कचरे को पुरखास स्थित प्लांट में भेजा जाता है। यहां प्लास्टिक को साफ करने और सुखाने के बाद श्रेडिंग मशीन से छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है। तैयार प्लास्टिक कतरन का उपयोग सड़क निर्माण में किया जाता है। प्लास्टिक कचरे के इस तरह सड़क निर्माण में उपयोग को ड्राई प्रोसेस तकनीक के तौर पर जाना जाता है। सफाई कर्मियों का कहना है कि प्लास्टिक संग्रह की जिम्मेदारी के कारण उनका मूल सफाई कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस कार्य को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।
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