ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह
प्रयागराज : पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र के बिहका उर्फ पुरामुफ्ती गांव निवासी तीन भाइयों ने जमीन के बैनामे में धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाया है। पीड़ितों का कहना है कि उनकी भूमि का सौदा करीब 72 लाख रुपये में तय हुआ था, लेकिन 28 फरवरी 2026 को तहसील सदर प्रयागराज में पंजीकृत बैनामे में 45 लाख रुपये की पूरी धनराशि प्राप्त होने का उल्लेख करा दिया गया, जबकि उन्हें वास्तविक भुगतान नहीं मिला। मामले में संबंधित विपक्षी व्यक्तियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कार्यवाही की मांग की गई है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, टिंकू, जितेंद्र कुमार और रिंकू कुमार पुत्रगण हरिलाल उर्फ हीरालाल निवासी बिहका उर्फ पुरामुफ्ती अनुसूचित जाति के पासी समुदाय से हैं। तीनों का दावा है कि आराजी संख्या 373 में उनके-अपने हिस्से की 313.75 वर्गमीटर भूमि है। उक्त भूमि का बैनामा बही संख्या एक, जिल्द संख्या 9128, पृष्ठ संख्या 83 से 106 तथा क्रमांक संख्या 1665 पर 28 फरवरी 2026 को तहसील सदर प्रयागराज में पंजीकृत कराया गया था।
पीड़ितों का आरोप है कि बैनामे के पृष्ठ संख्या पांच पर 45 लाख रुपये का विक्रय मूल्य प्राप्त होने की बात दर्ज कराई गई, जबकि बैनामा निष्पादन के समय उन्हें कोई भुगतान नहीं मिला था। उनका कहना है कि भुगतान के रूप में केवल चेकों का उल्लेख किया गया। आरोप के मुताबिक, मोहम्मद आसिफ उर्फ असलम की ओर से एचडीएफसी बैंक के 8.50 लाख और 28 लाख रुपये के दो चेक दिए गए, लेकिन इनका भुगतान भी उन्हें प्राप्त नहीं हुआ। प्रार्थना पत्र में गुरबचन सिंह, अब्दुर्रहमान, सूरज वर्मा और मोहम्मद आसिफ की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि अनुसूचित जाति की भूमि की खरीद से संबंधित कानूनी प्रावधानों से बचने के लिए गुरबचन सिंह को नाममात्र का खरीदार बनाकर वास्तविक खरीदारों और लाभार्थियों की भूमिका छिपाई गई।
पीड़ितों ने पूरे मामले को सुनियोजित धोखाधड़ी बताते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, मामले में संबंधित पक्षों का जवाब और पुलिस अथवा प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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