रिपोर्ट-न्यूज़ एजेंसी
दिल्ली : प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 11 फरवरी, 2024 को मध्य प्रदेश का दौरा करेंगे, दोपहर लगभग 12:40 बजे वे मध्य प्रदेश के झाबुआ में लगभग 7500 करोड़ रुपये की अनेक विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे, अंत्योदय की परिकल्पना प्रधानमंत्री द्वारा की गई पहलों के लिए मार्गदर्शक रही है, यह सुनिश्चित करने पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है कि विकास के लाभ आदिवासी समुदाय तक पहुंचें, जिनमें से अधिकांश वर्ग स्वतंत्रता के कई दशकों बाद भी इन लाभों को प्राप्त करने से वंचित रहे थे, इसके अनुरूप, प्रधानमंत्री कई पहलों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे, जिससे क्षेत्र के जनजातीय समुदाय को लाभ होगा, प्रधानमंत्री लगभग दो लाख महिला लाभार्थियों को आहार अनुदान योजना के अंतर्गत आहार अनुदान की मासिक किस्त का वितरण करेंगे, इस योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश की विभिन्न विशेष पिछड़ी जनजातियों की महिलाओं को पौष्टिक आहार के लिए 1500 रुपये प्रति माह प्रदान किए जाते हैं, प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के लाभार्थियों को 1.75 लाख अधिकार अभिलेख वितरित करेंगे, इससे लोगों को उनकी जमीन के अधिकार के लिए दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध हो जाएंगे, प्रधानमंत्री टंट्या मामा भील विश्वविद्यालय की आधारशिला रखेंगे, यह एक समर्पित विश्वविद्यालय है, जो क्षेत्र में उच्च जनजातीय बहुलता वाले जिलों के युवाओं को सुविधाएं प्रदान करेगा, 170 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाला यह विश्वविद्यालय छात्रों के समग्र विकास के लिए विश्वस्तरीय अवसंरचना प्रदान करेगा, प्रधानमंत्री ‘प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना’ के अंतर्गत 559 गांवों के लिए 55.9 करोड़ रुपये जारी करेंगे, इस राशि का उपयोग आंगनवाड़ी भवन, राशन की दुकानों, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूलों में अतिरिक्त कमरे, आंतरिक सड़कों सहित विभिन्न प्रकार की निर्माण गतिविधियों के लिए किया जाएगा, प्रधानमंत्री झाबुआ में 'सीएम राइज स्कूल' का शिलान्यास करेंगे, स्कूल छात्रों को स्मार्ट क्लास, ई- लाइब्रेरी आदि जैसी आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिकी को एकीकृत करेगा, प्रधानमंत्री कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे, जो मध्य प्रदेश में जलापूर्ति और पीने के पानी की व्यवस्था को मजबूत करेगी।, जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी, उनमें 'तलवाड़ा परियोजना' शामिल है, यह धार और रतलाम के एक हजार से अधिक गांवों के लिए पेयजल आपूर्ति योजना है, इसके अलावा अटल कायाकल्प और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) 2.0 के तहत 14 शहरी जलापूर्ति योजनाएं, मध्य प्रदेश के कई जिलों में 50 हजार से अधिक शहरी परिवारों को लाभान्वित कर रही हैं, प्रधानमंत्री झाबुआ की 50 ग्राम पंचायतों के लिए 'नल जल योजना' भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिससे लगभग 11 हजार घरों को नल से जल उपलब्ध कराया जाएगा, कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री कई रेल परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे और उनकी आधारशिला रखेंगे, इनमें रतलाम रेलवे स्टेशन और मेघनगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला रखना भी शामिल है, इन स्टेशनों का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत किया जाएगा। राष्ट्र को समर्पित रेल परियोजनाओं में इंदौर-देवास-उज्जैन सी केबिन रेलवे लाइन के दोहरीकरण की परियोजनाएं शामिल हैं, इसके अतिरिक्त इटारसी-यार्ड रीमॉडलिंग के साथ उत्तर-दक्षिण ग्रेड सेपरेटर तथा बरखेरा-बुदनी-इटारसी को जोड़ने वाली तीसरी लाइन को भी इसमें रखा गया है, ये परियोजनाएं रेल अवसंरचना को मजबूत करने तथा यात्री और माल गाड़ियों, दोनों के लिए यात्रा के समय को कम करने में मदद करेंगी, प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश में 3275 करोड़ से अधिक की कई सड़क विकास परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसमें एनएच-47 के किमी 0.00 से किमी 30.00 (हरदा-तेमगांव) तक हरदा-बैतूल (पैकेज-I) को चार लेन का बनाना; एनएच-752डी का उज्जैन देवास खंड; एनएच-47 के इंदौर-गुजरात एमपी सीमा खंड को चार लेन (16 किमी) और एनएच-47 के चिचोली-बैतूल (पैकेज-III) हरदा-बैतूल को चार लेन और एनएच-552जी का उज्जैन झालावाड़ खंड शामिल है, इन परियोजनाओं से सड़क संपर्क में सुधार होगा और क्षेत्र में आर्थिक विकास में भी मदद मिलेगी, इसके अलावा, प्रधानमंत्री अपशिष्ट डंपसाइट उपचार, विद्युत सबस्टेशन जैसी अन्य विकास पहलों का भी लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।
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