रिपोर्ट-सोमराज वर्मा
प्रयागराज : जनपद में 26 नवम्बर को बिगुल मज़दूर दस्ता की ओर से देशव्यापी हड़ताल के दौरान इलाहाबाद में पीडब्ल्यूडी कार्यालय पर सभा करके जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया गया, सभा में राज्य संयुक्त कर्मचारी परिषद, दिशा छात्र संगठन समेत विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारियों-कर्मचारियों ने भागीदारी किया, संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद के जिला सचिव विनोद पांडेय ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के भत्तों आदि को एक-एक करके खत्म किया जा रहा है। जो लोग इस अन्याय के ख़िलाफ़ आन्दोलन कर रहे हैं, अनुशासनात्मक कार्रवाई के नाम पर उनका मुँह बंद कराया जा रहा है, बिगुल मज़दूर दस्ता के प्रसेन ने कहा कि मोदी सरकार ने दूसरी बार सत्ता में बैठते ही कर्मचारियों-मज़दूरो-छात्रों पर हमलों की रफ़्तार दो गुनी कर दी। बीएसएनएल, रेलवे, बिजली, बैंक से लेकर हर सरकारी विभाग को चौपट करके निजी कम्पनियों की झोली में डालने की तिकड़में तेज कर हो गयी। कोरोना महामारी के इस भयंकर दौर में भी सरकार ने जनविरोधी-कर्मचारी विरोधी नीतियों को धड़ल्ले से लागू करने का काम ज़ारी रखा। रेलवे, एलआईसी, ओएनजीसी समेत सरकारी विभागों और उपक्रमों को निजी हाथों में बेंचने का काम जो पहले ही चल रहा था, उसकी रफ़्तार और बढ़ा दी गयी। आपदा को अवसर में बदलने का नारा देने वाली मोदी सरकार ने कोरोना महामारी के इस दौर में एक तरफ़ पूँजीपतियों को तरह-तरह की छूट देने का सिलसिला जारी रखा, वहीं, दूसरी ओर कर्मचारियों और मज़दूरों की जेब खाली करने के लिए तरह-तरह की तिकड़में भिड़ाती रही, जून 2021 तक सरकारी कर्मचारियों के डीए पर रोक लगा दी गयी। उत्तर प्रदेश में बैठी योगी सरकार ने कर्मचारियों के छः भत्तों पर रोक लगा दी, सभा के दौरान क्रान्तिकारी गीत गाए गए तथा प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा गया, इस दौरान राजकीय प्रेस मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के अध्यक्ष रामसुमेर, रमेश शंकर, आरपी सिंह, पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आरपी पाण्डेय, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मंडल मंत्री राजेश्वर शुक्ला, अविनाश, जयशंकर, अरुण पांडेय, ओपी सिंह, सुरेश कुमार, रवि, शिवा, नीशु, संजय, मोनिस, इमरान, अमित, अनवर, अंजलि आदि शामिल रहे ।
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