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चकिया में सुर साधना म्यूजिक एकेडमी का हुआ उद्घाटन, संगीत लोगों को संस्कारी बनाती है-सिद्धार्थ नाथ सिंह...


रिपोर्ट-मनोज सोनी


प्रयागराज : आधुनिकता के इस दौर में आज हर क्षेत्रों में बदलाव हो रहे हैं रहन-सहन परिधान और विचारों में बदलाव के साथ लोग अपने मूल संस्कारों को भी भूलते जा रहे हैं किंतु संगीत ही एक ऐसा माध्यम है जो हुनरमंद बनाने के साथ लोगों को संस्कारी भी बनाती है, संस्कारहीन व्यक्ति का जीवन निरर्थक है, यह उदगार उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने सोमवार को चकिया में सुर साधना म्यूजिक एकेडमी का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किए, उन्होंने कहा कि न केवल भारत बल्कि दुनिया में भारतीय संगीत का बहुत महत्व है अपने देश में संगीत क्षेत्र की तमाम ऐसी महान हस्तियां हुई है जिन्होंने विश्व भर में भारत के मान सम्मान को बढ़ाया ,आज भी तमाम विभूतियां है जो भारतीय संगीत के महत्व को बनाए रखते हुए निरंतर इस को आगे बढ़ाने के प्रयास में लगे हैं, संगीत केवल एक विधा का नाम नहीं बल्कि यह लोगों को संस्कारी भी बनाती है, उन्होंने कहा कि सुर साधना म्यूजिक एकेडमी से संगीत की जो नई पौध निकलेगी निश्चित ही वह भारतीय संगीत की गरिमा को बनाए रखते हुए इस को मजबूती प्रदान करेगी, मेरी ढेर सारी शुभकामनाएं इनके साथ हैं l


इसी क्रम में आकाशवाणी इलाहाबाद के केंद्र निदेशक श्री लोकेश कुमार शुक्ला ने संगीत को औषधि का नाम दिया ,उन्होंने कहा कि संगीत में तमाम बीमारियों को दूर भगाने की क्षमता होती है, सबसे बड़ी बात कि संगीत साधना से मन में शांति और शरीर में स्फूर्ति रहती है, सुर साधना म्यूजिक एकेडमी के खुल जाने से क्षेत्र के बच्चे लाभान्वित होंगे मैं इस एकेडमी के उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं, प्रयाग संगीत समिति के सचिव श्री अरुण कुमार ने कहा कि अपना प्रयागराज कला, संस्कृति के क्षेत्र में अग्रणी रहा है इस प्रकार की संस्थाएं बच्चों को संगीत की शिक्षा प्रदान कर इस को मजबूत बनाने के प्रयास में लगी है, सुर साधना म्यूजिक एकेडमी निस्वार्थ भाव से इस कार्य को करेगी तो निश्चित ही अपने उद्देश्य में सफलता प्राप्त करेगी । सुर साधना म्यूजिक एकेडमी की युवा संचालिका ज्योति आनंद ने एकेडमी के महत्व और उद्देश्य को बताते हुए कहा कि आधुनिकता की आड़ में आज जिस प्रकार से फूहड़ संगीत परोसा जा रहा है वह चिंता का विषय है, आधुनिकता की होड़ में लोग मूल संगीत से भटक गए हैं आवश्यकता है नई पीढ़ी को अपनी मूल संस्कृति संगीत से जोड़ा जाए और इस विधा की विधिवत शिक्षा दी जाय, सुर साधना म्यूजिक एकेडमी में गायन, नृत्य एवं वादन, तबला, ढोलक, हारमोनियम, गिटार इत्यादि की शिक्षा प्रदान की जाएगी, इस अवसर पर कला व संस्कृति एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए मनोज गुप्ता, जमील अहमद, डॉ मधु शुक्ला, अमृता अग्रवाल, मिथिलेश कुमार सिंह, उमेश कुशवाहा, पूजा अग्रवाल एवं छाया केसरवानी को सम्मानित किया गया, अतिथियों का स्वागत विकास आनंद, आदित्य चौधरी, रूपम केसरवानी, शिवानी बोस, शोभा देवी, विद्यावती, अभिषेक कुमार, सीबू भट्ट एवं आकाश ने किया, इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री के मीडिया प्रभारी दिनेश तिवारी सहित संगीत साधक, विद्यार्थी एवं क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति भारी संख्या में उपस्थित रहे, सुर साधना एकेडमी की संचालिका सुश्री कीर्ति चौधरी ने तथा मंच संचालन रचना जयसवाल ने किया ।

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