रिपोर्ट-जैगम हलीम
कौशाम्बी : संदीपनघाट थाना क्षेत्र में असरापुर रेलवे लाइन के किनारे चरवा थाना क्षेत्र के 22 वर्षीय रामू पाल का संदिग्ध परिस्थितियों में सिर कटा शव मिलने के मामले में अब सामाजिक संगठन भी सक्रिय हो गए हैं। भीम आर्मी की ओर से घटना की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई गई है। भीम आर्मी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि रामू पाल की मौत की घटना अत्यंत गंभीर और दुखद है। परिजनों के अनुसार मृतक का मोबाइल फोन और बैग भी गायब है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन का आरोप है कि 27 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजे पीड़ित परिवार से मिलने और उनके पक्ष में आवाज उठाने के लिए भीम आर्मी के कार्यकर्ता जाने वाले थे। इसी दौरान कौशाम्बी जिलाध्यक्ष भारत लाल गौतम को कथित तौर पर रोके जाने की बात कही गई है। संगठन ने सवाल उठाया कि पीड़ित परिवार से मिलने जाने वाले व्यक्ति को घर पर नजरबंद या हाउस अरेस्ट क्यों किया जा रहा है।
भीम आर्मी ने कहा कि संगठन संविधान में विश्वास रखता है और शांतिपूर्ण तरीके से पीड़ित परिवार से मिलकर उनकी बात सुनना तथा निष्पक्ष जांच की मांग करना नागरिकों का अधिकार है। संगठन ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को सामने लाने की मांग की है। हालांकि, जिलाध्यक्ष को रोके जाने अथवा नजरबंद किए जाने के आरोपों पर प्रशासन या पुलिस की ओर से तत्काल आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। मामले में पुलिस की जांच और आधिकारिक बयान के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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