ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह
कौशाम्बी जनपद में 28 फरवरी को कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके) कौशाम्बी में 25 दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हो गया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि उप कृषि निदेशक श्री सतेंद्र कुमार तिवारी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्र के प्रमुख डॉ. अजय कुमार ने की। मुख्य अतिथि का स्वागत डॉ. अजय कुमार ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। अपने संबोधन में डॉ. अजय कुमार ने बताया कि 25 दिनों तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं की कौशल दक्षता बढ़ाकर उन्हें सरकार की विभिन्न उद्यमी योजनाओं से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि जनपद की युवा शक्ति ही विकास की रीढ़ है और यदि उन्हें सही मार्गदर्शन व प्रशिक्षण मिले तो वे कृषि आधारित उद्यमों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उप कृषि निदेशक श्री सतेंद्र कुमार तिवारी ने युवाओं को भविष्य का प्रगतिशील किसान बताते हुए कहा कि जनपद में कृषि, पशुपालन, उद्यान, मशरूम उत्पादन, जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट, कुटीर उद्योग एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सुविधाओं और विभागीय सहयोग का लाभ उठाकर अपने भविष्य को मजबूत करें। उन्होंने प्रतिभागियों को बधाई देते हुए होली की शुभकामनाएं भी दीं।
प्रशिक्षण सत्र में के.वी.के. के लेखा अधिकारी श्री अखिलेश मिश्रा ने प्रतिभागियों को आय-व्यय प्रबंधन, लेखा प्रणाली और बैंकिंग प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी। वहीं इफको से आए श्री आशीष ने उन्नत खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों पर अपने विचार साझा किए। समारोह के दौरान अतिथियों द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। अंत में डॉ. आशीष ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी कौशल प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाना था, जिसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
कार्यक्रम के उपरांत सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों ने समूह फोटो खिंचवाकर इस अवसर को स्मरणीय बनाया। इस अवसर पर डॉ. मीनाक्षी, डॉ. अमित, श्री मनोज सिंह, श्री जितेंद्र प्रताप, श्री अखिलेश मिश्रा एवं श्री विनय सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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