Ticker

6/recent/ticker-posts

ककवारा गाँव में आवास के नाम पर हो रही धांधली, पात्रों से भी पैसा मांग रहे ग्राम प्रधान...

रिर्पोट- अंजना यादव

झांसी : सरकार द्वारा ग्रामों ओर ग्रामीणों के विकास केलिये तमाम योजनाये चलाई जा रही है लेकिन कुछ प्रधानों व अधिकारियों के कारण सरकार की योजनाये पात्र ग्रामीणों तक नही पहुंच पा रही है। एक ऐसा ही मामला मऊरानीपुर के ग्राम ककवारा में सामने आया है जहाँ पर ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान द्वारा खुलेआम प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर ग्रामीणों से बीस हजार से लेकर तीस हजार रुपये लिये जा रहे है तो वही पैसे न दे पाने की वजह से पात्र ग्रामीणों को आवास योजना का लाभ नही मिल पा रहा है।साथ ही ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान द्वारा गोशाला के नाम पर लाखो रुपये निकले लेकिन ग्राम में कोई भी गोशाला का निर्माण नही किया गया।

ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम की मुख्य सड़कों की हालत बद से बदतर बानी हुई है जिस वजह से ग्राम की महिलाओं व बच्चो का निकलना मुश्किल हो गया है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा ग्राम के विकास के लिये भेजे जाने वाले पैसे का प्रधान व सचिव द्वारा अपने निजी स्वार्थ में खर्च किये जा रहे है व ग्राम के पात्र ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ नही मिल पा रहा है ओर ना ही ग्राम का विकास हो पा रहा है।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी झाँसी का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुये निष्पक्ष जांच कराकर ग्राम प्रधान व सचिव पर कार्यवाही करने की मांग की है ।

बारिश से खेत लबालब सडऩे लगी उड़द, मूंग और तिल सहित अन्य फसलें...

झांसी : मऊरानीपुर के ब्लॉक बंगरा धवा में भादो मास में हुई बारिश किसानों के लिए आफत से कम नहीं है। लगातार हो रही बारिश से मूंग की फसल लगभग नष्ट हो चुकी है। किसानों की माने तो उड़द की फसल भी 60 फीसदी से अधिक बर्बाद हो चुकी है।इस वर्ष उड़द की फसल बहुत ही अच्छी थी, लेकिन जब फसल पकने का समय आया उसी समय से हो रही बारिश के कारण फसल को नुकसान हुआ है। खेतों में पानी भरने के कारण फसल गल रही है। फसल में लगी फलियों का बीज फफूंद के कारण सफेद पड़ रहा है।
ऐसा ही हाल अन्य फसलों का है किसान इस वर्ष क्षेत्र में तिलहन बहुत ही अच्छी आई थी। लेकिन अति वृष्टि के कारण तिल की फसल भी बार्बाद होती दिखाई दे रही है। कुछ समय तक दूध की तरह दिखने वाले तिल के खेत अब काले दिखाई दे रहे है। जो नुकसान का संकेत है। यदि दो चार दिन और इसी तरह बारिश हुई तो निश्चित कुछ हाथ नहीं लगेगा, खेतों में एक सप्ताह से पानी भरा हुआ है, कई स्थानों पर तो खेतों में पानी भरा हुआ है। जिसके चलते खरीफ की फसले गलने लगी हैं। अतिवृष्टि फसलों के लिए कहर साबित हो रही है लकिन मौसम ने साथ नहीं दिया तो किसानों को बर्बादी से कोई नहीं बचा सकता। क्योंकि अधिकांश किसान मध्यम वर्ग से हैं और सिंचाई के साधन नहीं होने के कारण वह खरीफ की फसल पर आश्रित होते हैं। कई किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं और फसल आने के बाद कर्ज चुका कर रबी की खेती कर पाते है। यह फसल हाथ नहीं लगी तो रबी की बोवनी करने में किसान असमर्थ हो जाएगा, सरकार को सर्वे करा कर किसानों को हुए नुकसान का आंकलन कर उसकी मदद करना चाहिए ।

Post a Comment

0 Comments