ब्यूरो रिपोर्ट-जतन सिंह
महोबा : जनपद में 6 जून 2020 को दो माह तक के लंबे लाकडाउन के बाद पहली जून से मिली ढील के बाद ठप पड़ी स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर लौट रही हैं। गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशु स्वास्थ्य देखरेख के बाद अब किशोर-किशोरी स्वास्थ्य परामर्श सेवा शुरू हो गई है। किशोरावस्था 10-19 वर्ष में शारीरिक एवं मानसिक बदलाव बहुत तीव्रता से होते हैं। किशोर, किशोरियों की समस्याओं में विभिन्नता के साथ-साथ जोखिम भी अलग-अलग होते हैं। किशोर, किशोरियां यहां आकर अपनी समस्याओं को साझा कर सही परामर्श ले रहे हैं।कोविड-19 यानि कोरोना संक्रमण देश में तेजी से फैल रहा है। इसकी रोकथाम के लिए केंद्र सरकार ने गाइडलाइन जारी कर पूरे देश में लाकडाउन कर दिया था। जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। अब इसे पटरी पर लाने के लिए स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की जा रही हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर सुमन ने बताया कि एक विवाहित अथवा अविवाहित, स्कूल जाने वाले तथा न जाने वाले, ग्रामीण या शहरी क्षेत्र के किशोर, किशोरियों की यौन विषय पर जानकारी भी अलग-अलग होती है। इन्हीं उलझनों को सुलझाने के लिए उन्हें एक सच्चे साथी की जरुरत महसूस होती है। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला अस्पताल में किशोर स्वास्थ्य क्लीनिक व किशोरी स्वास्थ्य क्लीनिक संचालित हैं लॉक डाउन के चलते इसमें काफी कमी आ गई थी। लेकिन अब यह सेवा पुनः बहाल कर दी गई है। डीआईसी मैनेजर डॉक्टर अंबुज गुप्ता ने बताया कि क्लीनिक पर प्रशिक्षित परामर्शदाताओं द्वारा किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य विषयों पर परामर्श की समुचित सेवाएं दी जा रही हैं। इससे उनके जीवन में बड़े बदलाव भी देखने को साफ मिल रहे हैं। प्रजनन स्वास्थ्य को लेकर भी किशोर किशोरियों के तमाम सवाल होते हैं, जिनके बारे में सही जानकारी वह चाहते हैं तो उन्हें नजरंदाज न करें, समस्या को सुलझाएं किशोरी स्वास्थ्य क्लीनिक की परामर्शदाता रजनी चैरसिया का कहना है कि किशोरावस्था के दौरान माता-पिता को भी बच्चों की समस्याओं को सुलझाने का प्रयास करना चाहिए। उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनें और उचित सलाह दें न कि नजरंदाज करें। टालने और नजरदांज करने से माता-पिता एवं युवाओं की प्रतिक्रियाएं उनके आपसी स्नेहपूर्ण तथा जिम्मेदार संबंधों में स्वस्थ लैंगिक विकास के विषय में संवाद को मुश्किल बनाते हैं। इसी को ध्यान में रखकर स्कूलों द्वारा भी बच्चों को इस सम्बन्ध में उचित परामर्श प्रदान करने की व्यवस्था की गयी है ताकि बच्चे अपने स्वर्णिम पथ पर अग्रसर हो सकें ।
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