ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह
कौशाम्बी : जनपद में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए किसान अध्यादेश विधेयक का खेतों में काम कर रहे किसानों ने भी विरोध किया है किसानों का कहना है कि इस विधेयक के लागू होने से हम लोग लोग बर्बाद हो जाएंगे, सरकार को तत्काल किसान अध्यादेश विधेयक को वापस लेना चाहिए, समर्थ किसान पार्टी के नेता अजय सोनी पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को साथ लेकर गांवो और खेतों में काम कर रहे किसानों से किसान अध्यादेश विधेयक के मसौदे पर चर्चा करने निकले, ग्राम सभा सौरई बुजुर्ग ब्लॉक कड़ा में सीधे तौर पर आलू खुदाई कर रहे किसानों को खेत पर ही इकठ्ठा कर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए किसान अध्यादेश विधेयक की चर्चा किया, चर्चा करते हुए अजय सोनी ने किसानों को इस विधेयक की वास्तविकता बताई। साथ ही भविष्य में इस विधेयक से होने वाले नुकसान पर भी किसानों से वार्ता की। चर्चा करते हुए खेत में मौजूद रहे किसानों ने इस विधेयक को पूरी तरह किसान विरोधी बताया और केंद्र सरकार से तत्काल इस विधेयक को वापस लिए जाने की मांग की, किसानों का कहना था कि केंद्र सरकार बिना कोई तैयारी के कोरोना महामारी के आपदा के समय अध्यादेश के जरिए इस विधेयक को क्यूं लाई, खेतों में काम कर रहे किसानों ने यह भी कहा कि दिल्ली और देश के अन्य राज्यों में आंदोलन कर रहे किसान अगर असली किसान नहीं हो सकते, तो बगैर असली किसानों के सलाह, मशवरे के बड़े बड़े उद्योगपतियों के इशारे पर मनमाने तरीके से किसानों का खून चूसने के लिए जबरन लाए गए तीन किसान विधेयक के लाने वाले कैसे असली किसान हितैषी हो सकते हैं, किसानों ने केंद्र सरकार को पूरी तरह किसान विरोधी बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के चुनाव में किसान इस विधेयक के लागू करने वालों को सही सबक सिखा देगा, अब या तो सरकार इस विधेयक को वापस लेगी या उत्तर प्रदेश के चुनाव में किसान इस विधेयक के विरोध में जवाब देगा, इस अवसर पर श्रीकांत विश्वकर्मा, इंद्रजीत विश्वकर्मा, राम खेलावन पाल, अरुण प्रजापति, लोकनाथ कोरी, भालचंद्र शर्मा, बलराम सिंह सिंह समेत कई किसान मौजूद रहे ।
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