रिपोर्ट-नरेन्द्र सिंह
कौशाम्बी : जनपद में पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के अहमदपुर पावन गांव का मजरा मेदली का पूरा में रहने वाला एक दलित परिवार अपने पूरे कुनबे के साथ दर-दर की ठोकरें खा रहा है, पड़ोस के रहने वाले दबंग विपक्षियों की दबंगई के चलते वह अपने निजी घर में रहने भी नहीं पा रहे हैं, जब भी वह अपने घर पर परिवार समेत जाते हैं विपक्षियों द्वारा ईट, पत्थर लेकर उन्हें खदेड़ दिया जाता है, स्थानीय पुलिस से शिकायत करने के बाद भी अभी तक उन्हें न्याय नहीं मिल पाया है जिस कारण वह दर-दर की ठोकरें खा कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं ।
जानकारी के लिए आपको बता दें कि पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के अहमदपुर पावन गांव का मजरा मेदली का पूरा में रहने वाला एक दलित परिवार अपने पूरे कुनबे के साथ दर-दर की ठोकरें खा रहा है, बीते कुछ माह पूर्व पीड़ित परिवार का विपक्षियों से नाली के विवाद को लेकर लाठी डंडों से सिर फुटबॉल हुआ था जिसमें विपक्षियों की तरफ से एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई थी जिसके बाद पुलिस ने परिवार को हत्या का आरोपी बनाकर जेल भेज दिया था जमानत पर बाहर आने के बाद जब वह अपने घर पर मैं दिल्ली का पूरा गए तो वहां पर उनके परिवार का कोई भी सदस्य नहीं था खोजबीन करने पर वह नाते रिश्तेदारों के यहां मिले, जिसके बाद सारी बात खुलकर सामने आई, पीड़ित परिवार के बच्चों, महिलाओं का कहना है कि उनके परिवार के मुखिया लोगों के जेल जाने के बाद विपक्षी लोगों ने उन्हें मारपीट कर घर से खदेड़ दिया था और वउनके घर में रखा सामान उठा ले गए, साथ ही उनकी जगह, जमीन, घर पर जबरन कब्जा कर लिया ।
परिवार के मुखिया लोगों के जेल से जमानत पर आने के बाद जब सब एकत्रित होकर अपने घर पर गए तो उपरोक्त फिर लड़ाई झगड़ा पर अमादा हो गये, उन्हें ईद, पत्थर लेकर वहां से खदेड़ दिया, इस बात की शिकायत लेकर पीड़ित परिवार स्थानीय थाना पुरामुफ्ती में गया तो वहां भी पुलिस ने उन्हें हत्यारोपी बता कर थाना से दरकिनार कर दिया, जिससे पूरा परिवार इधर-उधर किराए का मकान लेकर गुजर-बसर कर रहा है, पीड़ित परिवार के मुखिया श्यामबाबू पुत्र रामदास, नीतू कुमारी, सोनी देवी, शिव मूरत, श्यामल दास, सुशील देवी, चन्द्रिका प्रसाद, का कहना है कि उसने कई जगह उच्च अधिकारियों से भी इस मामले की शिकायत किया है लेकिन अभी तक कोई नतीजा सामने नहीं आया है, लड़ाई झगड़ा दोनों पक्षों के मध्य हुआ था हमने किसी को जान से नहीं मारा था लेकिन हमें विपक्षियों ने जबरन फंसा दिया है जिसकी सजा भी हम भुगत रहें हैं, अब मामला कोर्ट में चल रहा है हम अधिकारियों से मांग करते हैं कि हमारे निजी आवास में परिवार समेत रहने की सुरक्षा प्रदान की जाए, विपक्षियों से हमारे घर के परिजनों पर जानमाल का खतरा बना हुआ है जिस कारण हम लोग परिवार समेत दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं ।
4 Comments
Mritak ke parivar ko insaaf Milana chahie ine logon ko jail honi chahie main ahmadpur Pawan ka Shashi Kumar Rajput mang karta hu
ReplyDeleteWere you also there ,and know the whole story , opposition were 60 peoples and they were only 2 adult members
DeleteJustice must be served , these people are innocent and are falsely implicated in this case.
ReplyDeleteShashi rajpoot apne uncle ke bare me jante ho.
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