ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह
कौशाम्बी : जनपद में इन दिनों बेलगाम पुलिस कर्मियों की फौज खड़ी हो गई है जहां देखो वहां एक नया प्रकरण सामने आ रहा है ऐसा ही एक मामला पिपरी थाना क्षेत्र के बिगड़ैल थानेदार का सामने आया है, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें पिपरी थानेदार एक पत्रकार को धक्का-मुक्की करके पीटते नजर आ रहे हैं ऐसे बेलगाम थानेदारों की भरमार जनपद कौशाम्बी में देखने को मिल रही है ।
जानकारी के लिए आपको बता दें कि पिपरी थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत पेरई में दूधनाथ पुत्र स्वर्गीय बद्री प्रसाद को तीस साल पहले 1990 में आवास के लिए पट्टा मिला था जिस पर दूधनाथ का कब्जा है और उस पर उसका पक्का मकान भी बना हुआ है उसी मकान में उसकी पान की दुकान भी है जिससे वह अपने परिवार का भरण पोषण करता है, दूधनाथ के इसी आवासीय मकान पर पखवारे भर पहले से पिपरी थाना की पुलिस जाकर उसे मकान खाली करने का दबाव बना रही है, जबकि पुलिस के बाद किसी भी संबंधित जिम्मेदार अधिकारी का लिखित आदेश नहीं हैै।दिनांक 27 दिसम्बर 2020 को लेखपाल राजकुमार और पिपरी थानाध्यक्ष अपने हमराही पुलिस कर्मियों के साथ मकान को खाली पहुंच गये, मौके पर इसी प्रकरण में ख़बर कवरेज करने गये आर्य चेतना न्यूज के पत्रकार राघवेन्द्र सिंह पटेल ने जब थाना प्रभारी से पूछा तो वह हिला हवाली में बात को टाल गये, जिसके बाद संबंधित अधिकारी का लिखित आदेश दिखाने की मांग पर गाली गलौज करते हुए पत्रकार को सरेआम पीटकर थाना में लाकर बन्द कर दिया, लगभग 2 घंटे थाना में बैठाने के बाद छोड़ दिया, जिससे साफ जाहिर हो रहा है कि पुलिस पत्रकारों की कलम को दबाना चाहती है और पत्रकारों का शोषण करने पर उतारू है, पीड़ित पत्रकार ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी से किया है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही बिगड़ैल पिपरी थानेदार पर नहीं की गई है, अब यह प्रकरण नेशनल मीडिया क्लब और विश्व पत्रकार महासंघ तक पहुंच चुका है जल्द ही पत्रकारों का एक समूह एडीजी जोन प्रयागराज से मुलाकात कर थानेदार पर कार्यवाही की मांग करेगा, जिसकी जानकारी नेशनल मीडिया क्लब के मंडल के जिम्मेदार प्रवक्ता सुरेश सिंह एवं विश्व पत्रकार महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अंसार अहमद उर्फ चांद पत्रकार ने दी है ।
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