ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह
प्रयागराज : जनपद में पूरामुफ्ती थाना का अस्तित्व समाप्त कर दिया गया है जिसके बाद उसे धूमनगंज थाना से जोड़ दिया गया है ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि हाल ही में कौशाम्बी से ताल्लुक रखने वाले 69 गांवों को प्रयागराज से जोड़ा गया है, जिसमें से 40 गांव पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र के अंतर्गत आते थे इन गांवों को धूमनगंज थाना से जोड़ा गया है जिसके चलते पूरामुफ्ती थाना को समाप्त करके चौकी में तब्दील कर दिया गया है, इस परिसीमन के तहत पूरामुफ्ती थाना के सारे दस्तावेज धूमनगंज थाना से लिंक कर दिए गए हैं साथ ही स्टाफ भी चेंज हो गए हैं ।
बताया जा रहा है कि धूमनगंज से संबंधित पुलिस का स्टाफ भी पूरामुफ्ती थाना में तैनात हो चुके हैं, जिम्मेदारों की इस कवायद से पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र में आने वाले गांवों की जनता बेहद नाराज है वह थाना धूमनगंज नहीं जाना चाहते, उनका मानना है कि पूरामुफ्ती थाना उनकी धरोहर है यह 1930 में अंग्रेजों द्वारा जी टी रोड के किनारे स्थापित किया गया था, वह बड़े गर्व से अपने थाना का नाम लेते थे लेकिन स्थानांतरण की इस कवायद से उनमें आक्रोश जाग गया है, इसी बात को लेकर मंगलवार को शहर पश्चिमी के विधायक और कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह क्षेत्र के दौरे पर थे जैसे ही वह पूरामुफ्ती चौराहे पर पहुंचे हजारों लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया ।
जिसके बाद अपनी समस्या को बताते हुए एक ज्ञापन उनके हाथों में सौंपा साथ ही मांग किया कि उन्हें जनपद प्रयागराज से कोई शिकायत नहीं है लेकिन जिन गांवों को थाना धूमनगंज में जोड़ा गया है उन्हें पूरामुफ्ती थाना में जोड़कर थाना को बरकरार रखा जाए, पूरामुफ्ती थाना को समाप्त करने से क्षेत्र में अपराधिक गतिविधियों में तेजी से इजाफा होगा, क्योंकि कई संवेदनशील गांव पूरामुफ्ती थाना अंतर्गत आते हैं जिनमें उजिहनी आईमा, हटवा, टिकरी उपहार, असरौली, सल्लाहपुर समेत कई अन्य गांव शामिल है लोगों का मानना है कि गरीब मजदूरों को धूमनगंज पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि उसकी दूरी भी यहां से लगभग 18 किलोमीटर है, ज्ञापन के बाद लोगों ने ऐसा न करने पर जिम्मेदारों को कड़ी चेतावनी दिया है कि अगर वह पूरामुफ्ती थाना को पुनः थाना में तब्दील नहीं करते हैं तो क्षेत्र के लोग सड़कों पर उतरेंगे और प्रदर्शन करके पुनः पूरामुफ्ती थाना को थाना बनाए जाने की मांग करेंगे, इस दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्य वीरेंद्र पासी अपने कई समर्थकों के साथ मौजूद रहे ।
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