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मंझनपुर और एसओजी पुलिस ने सीएम का ओएसडी बताकर अधिकारियों से धनराशि उगाही करने वाला अन्तरराज्यीय साइबर अपराधियों को किया गिरफ्तार...

ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह


कौशाम्बी : जनपद में थाना मंझनपुर में पंजीकृत मु0अ0सं0 73/21, 74/21 धारा 419, 406 आई0पी0सी0 व 66 आईटी एक्ट बनाम अज्ञात, जिसके द्वारा वादी मुकदमा श्री राजेन्द्र प्रसाद शर्मा, जिला आबकारी अधिकारी व सहायक आयुक्त स्टाम्प कौशाम्बी के मोबाइल पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा काल करके खुद को माननीय मुख्यमंत्री का ओएसडी बताकर पैसे की मांग की गयी थी, चंकि मामला माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार से जुड़ा होने के कारण उक्त मुकदमें के सफल अनावरण हेतु श्रीमान् पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी महोदय द्वारा साइबर सेल, सर्विलांस को तत्काल आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था, जिसमें सर्विलान्स सेल, साइबर सेल की त्वरित कार्यवाही से उक्त मुकदमें से सम्बन्धित अभियुक्त पंकज सिंह उर्फ अरविंद कुमार मिश्र उर्फ अजय कुमार मिश्र पुत्र श्री शिवमूरत मिश्र निवासी रायदेपुर, थाना, जनपद अमेठी के रूप में प्रकाश में आये, जो लगातार पश्चिम बंगाल और झारखण्ड में निवास कर रहा था, मामला प्रदेश स्तर का होने के कारण अत्यन्त संवेदनशील था, जिसके सम्बन्ध में पूर्व में किसी अन्य मामले में पश्चिम बंगाल व झारखण्ड प्रान्त में गठित टीम रवाना थी कि उसी बीच जरिये दूरभाष उच्च अधिकारी द्वारा आदेशित किया गया कि माननग मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश कि छवि किसी जालसाज द्वारा धूमिल करने कि कोशिश की जा रही है, आदेश के क्रम में तत्काल उक्त रवानासुदा टीम द्वारा गम्भीरता से लेते हुए, लोकेशन के आधार पर खडगपुर पश्चिम बंगाल टीम रवाना होकर उसके बैंक ट्रांजेक्शन वाले पंजाब एण्ड सिंड बैंक झपेटापुर, खडगपुर पश्चिम बंगाल से फुटेज व अन्य डिटेल प्राप्त कर जानकारी किया गया तो पता चला कि वह मूसाबनी जनपद पूर्वी सिंहभूमि झरखण्ड में है जब टीम उक्त स्थान पर पहुची तो सूचना मिली कि उक्त अभियुक्त अपने मुकदमें की पैरवी के लिये जनपद कौशाम्बी उ0प्र0 की ओर रवाना हुआ है, जिसपर विश्वास करके तथा लोकेशन के आधार पर गठित टीम द्वारा उसका पीछा करना शुरू कर एसएचओ मंझनपुर से समन्वय बनाते हुए, आज दिनांक 23 फरवरी 2021 को कादीपुर थाना मंझनपुर से गिरफ्तार कर जामा तलाशी लिया गया तो उसके पास से 3 मोबाइल मिला जिसके बारे में क्रमशः पूछा गया तो पहला मोबाइल जो की पैड मोबाइल है, जिसके बारे में बताया कि साहब यह वही मोबाइल व सिम है जिससे मै अधिकारियो से फोन कर उनसे खुद को सिम का ओएसडी बताकर पैसे कि डिमांड करता हू तथा दो अन्य मोबाइल के बारे में पूछा गया तो बताया कि साहब जो फ्राड करके पैसे मंगाता हूं, इन्ही मोबाइलों से पैसों का आनलाइन हेरफेर करता हूं, उक्त मुकदमें के अनावरण व गिरफ्तारी टीम को पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा 25000 रुपए का नकद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की गई ।

इस अपराधियों के अपराध करने का तरीका यह था कि उपरोक्त अभियुक्त द्वारा उत्तर पूर्व के लगभग कई जिलों और अन्य प्रदेश के जिलों के डीएम, एसपी, सीएमओ, सहायक अयुक्त स्टाम्प, एक्साइज अधिकारी के सरकारी मोबाइल नंबर पर काल कर, खुद को सम्बन्धित प्रदेश के मुख्यमंत्री का ओएसडी बताकर कभी राम मंदिर निर्माण के नाम पर सहयोगार्थ धनराशि की मांग की जाती है, तो कभी सीएम के किसी काम के लिये रूपयों का आनलाइन स्थानांतरण कराया जाता था ।

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