Ticker

6/recent/ticker-posts

बम्हरौली गांव में अवैध रूप से चल रही आरा मशीनें, वन विभाग और स्थानीय पुलिस ने बांधी आंखों में पट्टी...


ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह


प्रयागराज : जनपद में सदर तहसील अंतर्गत धूमनगंज थाना क्षेत्र के बम्हरौली गांव में अवैध तौर पर आरा मशीनों का धड़ल्ले से संचालन किया जा रहा है, इन मशीनों को पूरी तरह अवैध रूप से संचालित किया जा रहा है जिसके चलते यहां मनमानी तरीके से लाई हुई लकड़ियों को काटने का काम किया जाता हैं स्थानीय पुलिस और वन विभाग की मिलीभगत के चलते इन मशीनों पर ठोस कार्यवाही नहीं की जा रही है जिसके चलते इन पर लगाम नहीं लग पा रहा है ।


उल्लेखनीय है कि बम्हरौली गांव का जनपद कौशाम्बी से जुड़ा हुआ है, यहां कुछ किलो मीटर निकलते ही कौशाम्बी क्षेत्र की शुरुआत हो जाती है, जहां पर वन माफिया सालों से जनपद को वीरान करने में जुटें हुए हैं, वन माफिया यही से हरे प्रतिबंधित पेड़ों को काटकर धराशाई करते हैं, साथ ही लकड़ियों को ट्रैक्टर ट्रॉलियों से भरकर बम्हरौली गांव स्थित इन्हीं आरा मशीनों पर पटक देते है, इन आरा मशीनों पर टनों के वज़न में हर दिन लकड़ियां काटी जा रही है, जिसके बाद उन्हें बाजार में आसानी से पहुंचा दिया जाता है, आलम यह है कि यहां हर तरह के पेड़ काटकर खपाए जा रहे हैं, माफिया हरे पेड़ों को भी नहीं छोड़ते है ।

बम्हरौली गांव में स्थित आरा मशीनें में किसी के पास भी लाइसेंस नहीं है, ग्रामीण इलाकों के रास्ते रात के अंधेरे में लकड़ी यहां तक पहुंच जाती है, जिसे आसानी से चीर कर बाजार में पहुंचा दिया जाता है, पिछले दिनों वन विभाग ने इन अवैध रूप से चल रही आरा मशीन को पकड़ा था लेकिन विभाग द्वारा सांठगांठ कर लेने के बाद यह फिर से संचालित होने लगी है, इन आरा मशीनों से कटी हुई लकड़ी को बाजारों और ईट भट्ठों में खपाया जाता है, आपको बता दें कि आरा मशीनों से लगभग 500 मीटर की दूरी पर बम्हरौली चौकी स्थित है यहां दिनभर लकड़ी से भरे हुए ट्रैक्टर गुजरते रहते हैं, जिन्हें पुलिस द्वारा रोककर अवैध वसूली करने के बाद जाने दिया जाता है, यही वजह है कि यह गोरखधंधा आसानी से चलता रहता है, ख़ास बात यह है कि वन विभाग के साथ स्थानीय पुलिस भी आरा मशीन संचालकों के सम्पर्क में बनी रहती है जो वन माफिया द्वारा हरे पेड़ों और पर्यावरण को नष्ट करने में सहायक साबित हो रही है ।

Post a Comment

0 Comments