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सरसों की RH-725 प्रजाति का उत्पादन शंकर किस्मों से बेहतर, किसान हो रहे उत्साहित...

ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह 


कौशाम्बी : जनपद में कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके) द्वारा सरसों की उन्नत प्रजाति RH-725 का प्रदर्शन चयनित किसानों के प्रक्षेत्रों पर किया गया है। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रदर्शन कार्यक्रम के तहत समन्वित कृषि प्रबंधन तकनीकों का प्रयोग किया गया, जिससे फसल की वृद्धि एवं उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। डॉक्टर अजय कुमार ने प्रदर्शन प्लॉट का निरीक्षण करते हुए बताया कि सरसों की RH-725 प्रजाति का प्रदर्शन शंकर (हाइब्रिड) प्रजातियों की तुलना में बेहतर पाया गया है। उन्होंने कहा कि इस किस्म की पैदावार अच्छी होने के साथ-साथ इसकी तेल प्रतिशतता भी शंकर किस्मों से अधिक है, जो किसानों के लिए अतिरिक्त लाभ का कारण बन सकती है। उन्होंने बताया कि जहां शंकर प्रजातियों के बीज बाजार में 1000 से 1200 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध होते हैं, वहीं RH-725 प्रजाति का बीज मात्र 200 से 250 रुपये प्रति किलोग्राम में मिल जाता है। कम लागत और बेहतर उत्पादन के कारण यह प्रजाति किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। किसानों ने भी इस किस्म के प्रति उत्साह व्यक्त किया है और इसे लाभकारी बताया है।

कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा किसानों को समय-समय पर उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा वैज्ञानिक खेती की तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। केंद्र का उद्देश्य है कि आधुनिक तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि हो और कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके। किसानों ने उम्मीद जताई है कि यदि इसी प्रकार मार्गदर्शन मिलता रहा तो जिले में सरसों उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि 

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