रिपोर्ट-संदीप कुमार
कौशाम्बी : भारतीय संविधान के निर्माता और देश के प्रथम कानून मंत्री भारत रत्न डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती जनपद कौशांबी में बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर देवीगंज, सौरई बुजुर्ग, अलावलपुर, टिकरी, लेहदरी, अटसराय सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रमों में उपस्थित लोगों ने डॉक्टर अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब ने अपने संघर्ष और त्याग के बल पर समाज के सभी वर्गों को समान अधिकार दिलाने का काम किया। उन्होंने महिलाओं को शिक्षा का अधिकार दिलाया और समाज में व्याप्त भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई। इस दौरान वरिष्ठ समाजसेवी रणविजय निषाद, अनिल गौतम, रमेश साहू, शिवांश गौतम, अशोक पासी, रंजीत गौतम, जसवंत गौतम, अभयजीत गौतम, बांकेलाल मौर्य, देवनाथ मौर्य, मिश्रीलाल गौतम, इंद्रपाल यादव, सागर यादव, डॉक्टर बृजेंद्र यादव, डॉक्टर सर्वण कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में डॉक्टर अंबेडकर के योगदान को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष और समर्पण की मिसाल है। जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। साथ ही सामाजिक समरसता और समानता के उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने बाबा साहेब के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके विचारों को अपनाने का संकल्प लिया।
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