ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह
प्रयागराज : विकास खंड भागवतपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुसुवां में हाल ही में विधायक निधि से कराए गए नाली एवं इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि मई माह में पूरा हुआ निर्माण कार्य एक माह भी नहीं टिक सका और जगह-जगह नाली क्षतिग्रस्त होकर बैठ गई है, जिससे जल निकासी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्रीय विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह के सौजन्य से विधायक निधि द्वारा गांव में नाली और इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया था। कार्य पूर्ण होने के बाद विधायक के नाम का शिलापट्ट भी लगा दिया गया, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता पर शुरू से ही सवाल उठ रहे थे। अब नाली के कई हिस्सों में दरारें पड़ गई हैं और वह धंसकर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नई नाली का निर्माण पुरानी नाली के ऊपर ही दो ईंटें रखकर कर दिया गया, जिससे उसकी मजबूती नहीं बन सकी। नतीजतन नाली फटकर बैठ गई और पानी का बहाव रुक गया है। जल निकासी बाधित होने से नाली का गंदा पानी इंटरलॉकिंग सड़क पर भर रहा है, जिससे लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि बारिश और नाली के ओवरफ्लो होने के कारण सड़क पर गंदा पानी जमा रहता है। ऐसे में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को उसी पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई और घटिया गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण नाली एक माह भी नहीं चल सकी।
गांव के कई लोगों ने बताया कि यदि निर्माण कार्य सही तरीके से कराया गया होता तो इतनी जल्दी यह स्थिति पैदा नहीं होती। ग्रामीणों का कहना है कि पुराने निर्माण की स्थिति इससे बेहतर थी। उन्होंने निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराए जाने और दोषी ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह से मांग करते हुए कहा है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ठेकेदार को क्षतिग्रस्त नाली और इंटरलॉकिंग की मरम्मत कराने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही भविष्य में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग हो सके और ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके।
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