ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह
प्रयागराज : कहते हैं कि किसी व्यक्ति की असली पहचान उसके पद से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और संवेदनशीलता से होती है। प्रयागराज में आयोजित एक पैड बैंक कार्यक्रम के दौरान ऐसा ही एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। कार्यक्रम में एक छोटी बच्ची ने अपने नृत्य से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महिला सशक्तिकरण एवं पेरेंटिंग कोच डॉ. अंकिता राज थीं। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद बच्ची उनके पास पहुँची और मासूमियत से बोली, "मैम, आप बहुत सुंदर हैं, क्या आप हमारे घर आएँगी। आमतौर पर ऐसे अनुरोध औपचारिक मुस्कान तक ही सीमित रह जाते हैं, लेकिन डॉ. अंकिता राज ने बच्ची की बात को गंभीरता से लिया। उन्होंने उसका पता और संपर्क नंबर नोट कर लिया। कुछ समय बाद बच्ची का फोन आने पर डॉ. अंकिता स्वयं उसके घर पहुँच गईं।
बच्ची का घर शहर की एक स्लम बस्ती में था। वहां पहुँचकर डॉ. अंकिता ने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर समय बिताया, उनसे बातचीत की, खेलीं, पढ़ाई का महत्व समझाया और उन्हें उपहार भी वितरित किए। उनके इस आत्मीय व्यवहार ने बस्ती के लोगों का दिल जीत लिया। इस पहल का सकारात्मक असर भी देखने को मिला। स्थानीय स्तर पर नगर निगम द्वारा क्षेत्र में साफ-सफाई, कूड़ेदान की व्यवस्था तथा जल्द ही मेडिकल कैंप आयोजित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
डॉक्टर अंकिता राज की यह पहल इस बात का उदाहरण है कि महिला सशक्तिकरण केवल मंचों पर दिए गए भाषणों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान, संवेदनशीलता और सहयोग पहुँचाने का नाम है। एक छोटी बच्ची के निमंत्रण को स्वीकार कर उन्होंने न केवल उसका विश्वास जीता, बल्कि पूरे मोहल्ले में नई उम्मीद की किरण भी जगा दी।
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