रिपोर्ट-जैगम हलीम
कौशाम्बी। चायल तहसील क्षेत्र के ग्राम कसिया में बंजर भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला एक बार फिर चर्चा में है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व न्यायालय द्वारा करीब आठ वर्ष पहले पारित आदेश के बावजूद तहसील प्रशासन की ओर से अब तक कब्जा हटाने की कार्रवाई नहीं की गई है। राजस्व न्यायालय के आदेश के अनुसार ग्राम कसिया की भूमि संख्या 136, जिसका कुल रकबा 0.148 हेक्टेयर है, खतौनी में बंजर के खाते में दर्ज है। आरोप है कि उक्त भूमि के करीब 60 वर्गमीटर हिस्से पर अर्जुन पुत्र राम दुलारे निवासी ग्राम कसिया ने अवैध कब्जा कर रखा था। मामले में भू-प्रबंधन समिति के सचिव/लेखपाल की आख्या के आधार पर वाद प्रस्तुत किया गया था। प्रतिवादी को नोटिस तामील होने के बावजूद कोई आपत्ति दाखिल नहीं की गई। बतादें कि 14 मार्च 2018 को असिस्टेंट कलेक्टर प्रथम श्रेणी/तहसीलदार चायल द्वारा पारित आदेश में आरसी प्रपत्र-20 स्वीकार करते हुए 87 हजार रुपये क्षतिपूर्ति वसूलने तथा अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था। आदेश में यह भी कहा गया था कि कब्जा स्वयं न हटाने पर उसे हटाने में आने वाला खर्च अतिक्रमणकारी से वसूल किया जाए और नियमानुसार कर्मचारी का एक दिन का वेतन भी आरोपित किया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि आदेश के बावजूद यदि सरकारी बंजर भूमि से कब्जा नहीं हटाया गया है तो इससे राजस्व न्यायालय के आदेशों के पालन पर सवाल खड़े होते हैं। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से मामले की दोबारा जांच कराकर आदेश का अनुपालन कराने और सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की है। समाचार उपलब्ध राजस्व न्यायालय के आदेश और ग्रामीणों के आरोपों पर आधारित है। संबंधित पक्ष का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जा सकता है।
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