ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह
कौशाम्बी : जनपद में सामुदायिक शौचालयों के नाम पर बीते 2 वर्षों से जमकर धांधली हो रही है धांधली को रोकने के जिम्मेदार अधिकारी ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव के कार्यों को सही ठहराने में अपनी पूरी ऊर्जा लगा देते हैं जिससे सामुदायिक शौचालय की दुर्दशा में सुधार नहीं हो सका है, इतना ही नहीं चौपट हो चुके सामुदायिक शौचालयों के निर्माण के दोषियों पर वर्षो बीत जाने के बाद भी कार्यवाही नहीं हो सकी है तमाम सामुदायिक शौचालय बनते ही खंडहर में तब्दील हो गए हैं समय पूरा होने के पूर्व ही इन सामुदायिक शौचालयों के पुनःनिर्माण के लिए दोबारा बजट स्वीकृत कर मरम्मत करा दिया गया है सब कुछ मनमाने तरीके से चल रहा है जिम्मेदार अधिकारी मौन धारण किए हुए हैं, बतादें कि भगवतपुर विकास खंड क्षेत्र के जनका सहित दर्जनों गांव में सामुदायिक शौचालय के निर्माण में जमकर धांधली हुई है शिकायत के बाद भी जांच कर कार्यवाही किए जाने का प्रयास जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा नहीं किया जा रहा है, सामुदायिक शौचालय का निर्माण लाखों की लागत से पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान ने कराया था लेकिन वर्षो बीत जाने के बाद भी तमाम सामुदायिक शौचालय उपयोग में नहीं आ सके हैं, आखिर इस तरह के सामुदायिक शौचालय के निर्माण का क्या उद्देश्य है जो आम जनता के उपयोग में ना आ सके, सामुदायिक शौचालय के उपयोग में ना आने से स्वच्छ भारत और स्वच्छता अभियान का उद्देश्य नहीं पूरा हो सका है खुले में शौच मुक्त गांव नहीं हो सके हैं, बार बार शिकायत के बाद भी सामुदायिक शौचालयों के निर्माण में किए गए घोटाले के मामले में आला अधिकारियों की उदासीन दिखाई पड़ रहे हैं, मानक के विपरीत सामुदायिक शौचालय बनाए जा रहे हैं पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान बेखौफ तरीके से धांधली में लिप्त हैं भगवतपुर ब्लाक के खंड विकास अधिकारी और एडीओ पंचायत अपनी पूरी ऊर्जा भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को बचाने में लगा रहे हैं जिससे बड़े स्तर पर भी भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों पर कोई कार्यवाही नहीं होती दिख रही हैं, सामुदायिक शौचालयों के निर्माण के नाम पर बीते 2 वर्षों से करोड़ों का बजट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी लगातार उदासीन है, ब्लाक क्षेत्र में दर्जनों सामुदायिक शौचालयों के निर्माण के बाद भी वह उपयोग लायक नहीं है अभी तक जिम्मेदारों से निर्माण की रकम वसूली करने की योजना नहीं बनाई गई है, इलाके के ग्रामीणों ने सूबे के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए सामुदायिक शौचालय में धांधली की जांच कराकर भ्रष्टाचार में लिप्त दोषियों से सरकारी धन की रिकवरी कराए जाने की मांग की है ।
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