Ticker

6/recent/ticker-posts

कानपुर नगर पुलिस पर जागा प्रेस क्लब चायल का आक्रोश, पत्रकार अवनीश दीक्षित पर लिखा फर्जी मुकदमा...

ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह 


कौशाम्बी : उत्तर प्रदेश में लगातार दिन प्रतिदिन पत्रकारों का उत्पीड़न बढ़ता जा रहा है शासनिक प्रशासनिक जिम्मेदार पत्रकारों की कलम के दबाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी तरह का नया मामला सामने आया है जहां कानपुर के वरिष्ठ पत्रकार और भारत समाचार टीवी चैनल के संवाददाता अवनीश दीक्षित के खिलाफ कानपुर नगर पुलिस द्वारा 28 जुलाई 2024 को फर्जी मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है। पुलिस ने उन पर अपराध संख्या 156/2024 और अपराध संख्या 157/2024 के तहत आरोप लगाए हैं। इस घटना ने पत्रकार समुदाय में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। प्रेस क्लब चायल के पत्रकारों का कहना है कि पुलिस ने जल्दबाजी में बिना किसी ठोस जांच के अवनीश दीक्षित को जेल भेज दिया, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता पर सीधा हमला है। प्रेस क्लब चायल के सदस्यों ने इसे पत्रकारों के अधिकारों और उनके कर्तव्यों पर कुठाराघात करार दिया है। उनका मानना है कि इस तरह की कार्यवाही से पत्रकारों की कलम और आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के लिए अत्यंत घातक है ।

पत्रकारों ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि अवनीश दीक्षित के खिलाफ दर्ज किए गए फर्जी मुकदमे को तुरंत वापस लिया जाए। इसके साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे व्यापक आंदोलन छेड़ने को बाध्य होंगे। प्रेस क्लब चायल का यह आक्रोश कानपुर नगर पुलिस की इस कार्यवाही के खिलाफ एक सशक्त आवाज है जो न्याय और पत्रकारिता की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए उठाई गई है ।

Post a Comment

0 Comments