रिपोर्ट-न्यूज़ एजेंसी
बांग्लादेश : भारत के पड़ोसी बांग्लादेश में तख्तापलट हो गया है आरक्षण पर हो रहे हिंसक विरोध प्रदर्शन के बीच बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आज़ अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इतना ही नहीं वह राजधानी ढाका छोड़ किसी सुरक्षित जगह के लिए निकल गई हैं। खबर ये भी आ रही है कि वह फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी के लिए रवाना हो गई हैं। शेख हसीना अपनी बहन शेख रेहाना के साथ देश छोड़कर चली गई हैं। ख़बर आ रही हैं कि बांग्लादेश के सेना प्रमुख वकार-उज-जमां ने देश को संबोधित किया और कहा कि शेख हसीना ने पद से इस्तीफा दे दिया है। एक अंतरिम सरकार का गठन किया जायेगा और देश में जल्द सब कुछ सही हो जाएगा। जैसा कि हम जानते हैं कि बांग्लादेश में एक महीने से ज्यादा समय से छात्रों का विरोध प्रदर्शन चल रहा है। समय के साथ यह आंदोलन इतना बड़ा हो गया कि शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक शेख हसीना बांग्लादेश छोड़कर फिनलैंड के लिए रवाना हो गई हैं। वहीं अब इस पूरे मामले में एक और बड़ी जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक बांग्लादेश सेना ने शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़ने का अल्टीमेटम दिया था और उन्हें ऐसा करने के लिए एक घंटे का भी समय नहीं दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक बांग्लादेश की सेना ने सोमवार दोपहर शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़ने के लिए 45 मिनट का समय दिया। आपको बतादें कि पूरे बांग्लादेश में हुए विरोध प्रदर्शनों में अब तक 300 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। पिछले महीने शुरू हुआ यह आंदोलन पूरे देश में फैल गया जब ढाका विश्वविद्यालय के छात्र कार्यकर्ताओं की पुलिस और सरकार समर्थक प्रदर्शनकारियों के साथ हिंसक झड़प हो गई। इस आंदोलन का कारण विवादास्पद कोटा प्रणाली है जो सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्रदान करती है ।
आखिर क्या है बांग्लादेश की कोटा प्रणाली का सिस्टम...
बांग्लादेश की कोटा प्रणाली स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण देती है। आपको बतादें कि 1971 में पाकिस्तान से अलग होकर एक नया देश बना था, जिसका नाम बांग्लादेश था। पहले इसे पूर्वी पाकिस्तान के नाम से जाना जाता था। बांग्लादेशी छात्र इस सिस्टम के खिलाफ हैं और इसे बदलकर मेरिट सिस्टम से नौकरियां देने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि इस व्यवस्था से सरकार में बैठे लोगों को ज्यादा फायदा होता है ग़रीब के बच्चों को कोई लाभ नही मिलता है ।
Bangladesh pm Sheikh Hasina

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