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बोलिविया की कुख्यात सैन पेड्रो जेल, जहां कैदी अपनी पत्नी को साथ रह सकते हैं...

ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह 

लखनऊ : बोलिविया की राजधानी ला पाज़ में स्थित सैन पेड्रो जेल San Pedro Prison दुनिया की सबसे कुख्यात और अनोखी जेलों में गिनी जाती है। इसे अक्सर “शहर के भीतर शहर” कहा जाता है। वर्ष 2002 के बाद से इस जेल के अंदर पुलिस का प्रवेश लगभग बंद है और यहां करीब 3,000 कैदी अपनी स्वयं की स्व-शासी व्यवस्था के तहत जीवन यापन करते हैं। सैन पेड्रो जेल की सबसे चौंकाने वाली विशेषता यह है कि यहां कोठरियां मुफ्त नहीं होतीं, बल्कि कैदियों को उन्हें खरीदना या किराए पर लेना पड़ता है। जेल के भीतर बाजार, रेस्तरां, हेयर सैलून जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। इतना ही नहीं, यहां ड्रग्स का अवैध उत्पादन और कारोबार भी खुलेआम होने की बात सामने आती रही है। इस जेल में कैदियों के साथ उनके परिवारों के रहने की अनुमति भी है। रिपोर्टों के अनुसार, यहां 2,000 से अधिक बच्चे अपने माता-पिता के साथ रह रहे हैं जो हिंसा और नशे के माहौल में पलने को मजबूर हैं। विशेषज्ञ इसे बच्चों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा मानते हैं।

हालांकि, यह व्यवस्था सुविधाजनक दिखने के बावजूद बेहद असुरक्षित और हिंसक है। केवल 600 कैदियों की क्षमता वाली इस जेल में पांच गुना से अधिक लोग ठूंसे गए हैं। ताकतवर गिरोहों का दबदबा है और हिंसक झड़पें आम बात हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, बोलिविया की जेलों में 70 से 78 प्रतिशत कैदी बिना सजा के वर्षों से बंद हैं, जो न्यायिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

सैन पेड्रो के अलावा, चोंचोकोरो और पामासोला जेलें भी बोलिविया में बदहाल स्थिति, अत्यधिक भीड़भाड़ और अमानवीय हालात के लिए कुख्यात हैं। सैन पेड्रो जेल की यह तस्वीर न केवल बोलिविया की जेल व्यवस्था, बल्कि पूरे लैटिन अमेरिका की न्यायिक और कारागार प्रणाली की भयावह सच्चाई को उजागर करती है।

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