ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह
मुम्बई : हिंदी सिनेमा में अक्सर यह कहा जाता है कि दो अभिनेत्रियों के बीच गहरी दोस्ती कम ही देखने को मिलती है। हालांकि, हेलेन–वहीदा रहमान और आशा पारेख जैसी अदाकाराओं की दोस्ती इसके अपवाद भी रही है। लेकिन 80 के दशक में रेखा और अरुणा ईरानी की दोस्ती में आई दरार का किस्सा आज भी फिल्मी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जाता है कि एक समय रेखा और अरुणा ईरानी के बीच अच्छी दोस्ती थी। दोनों कई मौकों पर साथ नजर आती थीं और इंडस्ट्री में उनकी नजदीकियों के चर्चे भी थे। लेकिन साल 1981 में आई फिल्म ‘मंगलसूत्र’ के दौरान दोनों के रिश्तों में खटास आ गई।
फिल्म से हटाए जाने का विवाद...
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म ‘मंगलसूत्र’ में पहले अरुणा ईरानी को लिया गया था। बाद में उनकी जगह अभिनेत्री प्रेमा नारायण को कास्ट कर लिया गया। कहा जाता है कि यह बदलाव अचानक हुआ और अरुणा को इसकी जानकारी भी नहीं थी। बाद में जब उन्हें इस बात का पता चला, तो वे काफी आहत हुईं। अरुणा ईरानी ने एक इंटरव्यू में इस घटना का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्हें यह महसूस हुआ कि उनकी करीबी दोस्त रेखा ने उनके साथ विश्वासघात किया। हालांकि, इस मामले में रेखा की ओर से कभी कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया।
मंगलसूत्र की कहानी और स्टारकास्ट...
बी. विजय के निर्देशन में बनी ‘मंगलसूत्र’ एक सस्पेंस हॉरर थ्रिलर फिल्म थी। फिल्म में रेखा, अनंत नाग, ओम शिवपुरी, मदन पुरी, चांद उस्मानी और प्रेमा नारायण समेत कई कलाकार नजर आए थे। फिल्म की कहानी अनंत नाग के किरदार के इर्द-गिर्द घूमती है, जिस पर प्रेमा नारायण के किरदार की आत्मा का साया मंडराता है। कहानी में धोखा, रहस्य और बदले की भावना को दर्शाया गया था। हालांकि, दिलचस्प विषय होने के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी।
दोस्ती पर लगा दाग...
कहा जाता है कि इस घटना के बाद रेखा और अरुणा ईरानी के रिश्तों में दूरी आ गई। फिल्मी दुनिया में दोस्ती और प्रतिस्पर्धा अक्सर साथ-साथ चलती है, लेकिन इस मामले ने इंडस्ट्री में काफी हलचल मचाई थी। भले ही यह किस्सा दशकों पुराना हो, लेकिन हिंदी सिनेमा के इतिहास में यह एक ऐसी घटना के रूप में दर्ज है, जिसका जिक्र आज भी गाहे-बगाहे होता रहता है।
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