ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह
लखनऊ : डिजिटल युग में सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं रहा, बल्कि यह लाखों युवाओं के लिए कमाई का जरिया बन चुका है। खासकर इंस्टाग्राम रील्स ने कंटेंट क्रिएटर्स को एक नया प्लेटफॉर्म दिया है, जहां लाखों-करोड़ों व्यूज वाले वीडियो रोज़ वायरल होते हैं। ऐसे में आम यूजर्स के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या इंस्टाग्राम भी यूट्यूब की तरह व्यूज के बदले सीधे पैसे देता है। जानकारों के मुताबिक, भारत में इंस्टाग्राम अभी व्यूज के आधार पर सीधे भुगतान नहीं करता। हालांकि, इंस्टाग्राम के पास ‘Reels Play Bonus’ जैसा फीचर मौजूद है, लेकिन यह सुविधा फिलहाल भारतीय क्रिएटर्स के लिए पूरी तरह सक्रिय नहीं है। इसका मतलब यह है कि अगर किसी रील पर लाखों व्यूज भी आ जाएं, तो इंस्टाग्राम की ओर से सीधे बैंक खाते में पैसे नहीं आते।
जानिए तो फिर कमाई होती कैसे है...
भारत में इंस्टाग्राम से कमाई का सबसे बड़ा जरिया ब्रांड पार्टनरशिप और स्पॉन्सरशिप है। जब किसी क्रिएटर की रील्स पर लगातार अच्छे व्यूज, लाइक्स और कमेंट आने लगते हैं, तो ब्रांड्स उससे संपर्क करते हैं। यहां भुगतान व्यूज के नहीं, बल्कि क्रिएटर के प्रभाव यानी इन्फ्लुएंस के लिए किया जाता है। मार्केट ट्रेंड के अनुसार, अगर कोई क्रिएटर माइक्रो-इन्फ्लुएंसर है और उसकी रील पर औसतन 10 से 20 हजार व्यूज आते हैं, तो वह एक प्रमोशनल रील के लिए 500 से 2000 रुपये तक चार्ज कर सकता है। वहीं, लाखों फॉलोअर्स वाले क्रिएटर्स एक वीडियो के लिए हजारों से लेकर लाखों रुपये तक वसूलते हैं।
किसी ब्रांड का प्रोडक्ट बिकवाने पर मिलता है कमीशन...
इसके अलावा एफिलिएट मार्केटिंग भी कमाई का अहम साधन बनकर उभरी है। इसमें क्रिएटर किसी प्रोडक्ट का लिंक शेयर करता है और उस लिंक से होने वाली खरीदारी पर कमीशन कमाता है। छोटे क्रिएटर्स के लिए यह कमाई शुरू करने का प्रभावी तरीका माना जा रहा है। कुल मिलाकर, इंस्टाग्राम पर कमाई का रास्ता आसान नहीं है, लेकिन सही कंटेंट और एक्टिव ऑडियंस के साथ यह एक मजबूत करियर विकल्प बन सकता है।
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