ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह
कौशाम्बी : चायल तहसील क्षेत्र के पाम बसुहार गांव में ग्राम सभा की भूमि पर अवैध प्लाटिंग और बिक्री का मामला सामने आया है। मामले को लेकर गांव निवासी सुनीता मिश्रा पत्नी निर्भय मिश्रा ने शनिवार को तहसील चायल में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त प्रयागराज और पुलिस महानिरीक्षक ने डीएम एवं एसपी कौशाम्बी को तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। शिकायतकर्ता सुनीता मिश्रा ने आरोप लगाया है कि ग्राम सभा की मिलजुमला भूमि गाटा संख्या 1465 एवं 1472 में कुछ भूमिधरों द्वारा अवैध तरीके से प्लाटिंग कर छोटे-छोटे भूखंडों के रूप में बिक्री की जा रही है। उनका कहना है कि राजस्व अभिलेखों के अनुसार भूमि की चौड़ाई लगभग 33 फीट बताई जा रही है, जबकि मौके पर करीब 80 फीट फ्रंट में प्लाटिंग और बिक्री की जा रही है, जिससे ग्राम सभा की भूमि पर अतिक्रमण की आशंका बढ़ गई है।
पीड़िता ने बताया कि इस संबंध में वह पूर्व में 29 अप्रैल, 7 मई, 9 मई और 13 मई 2026 को भी राजस्व अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दे चुकी हैं, लेकिन कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व कर्मियों की उदासीनता के चलते सरकारी भूमि पर दोबारा कब्जे और अवैध विक्रय का प्रयास किया जा रहा है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2017 में उच्चस्तरीय जांच के बाद करीब 64 बीघा जमीन पुनः ग्राम पंचायत बसुहार की खतौनी में बंजर खाते में दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद अब फिर उसी भूमि पर कथित रूप से अवैध प्लाटिंग की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद राजस्व एवं पुलिस विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
पीड़िता ने मांग की है कि गाटा संख्या 1465 और 1472 की निष्पक्ष पैमाइश कराकर ग्राम सभा की भूमि का सीमांकन कराया जाए तथा यदि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा या प्लाटिंग पाई जाए तो दोषियों के खिलाफ विधिक कार्यवाही की जाए। अब देखना यह होगा कि उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद पीड़िता को न्याय मिल पाता है या मामला फिर फाइलों में दबकर रह जाएगा।
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