रिपोर्ट-जैगम हलीम
कौशाम्बी : करारी थाना क्षेत्र के रसूलपुर बंधुरी गांव में हरे महुआ के पेड़ की कटाई का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार हरे पेड़ों का अवैध कटान किया जा रहा है, जिससे हरियाली तेजी से खत्म होती जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में स्थित एक हरा-भरा महुआ का पेड़ हाल ही में काट दिया गया। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रूप से पेड़ों की कटाई हो रही है, लेकिन शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस और वन विभाग की मिलीभगत से अवैध कटान का कारोबार फल-फूल रहा है। उनका कहना है कि कई बार अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे कटान करने वालों के हौसले बुलंद हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि लगातार पेड़ों की कटाई से पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और गांव की हरियाली समाप्त होती जा रही है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ज्ञात हो कि वन विभाग के नियमों के अनुसार बिना अनुमति हरे पेड़ों की कटाई प्रतिबंधित है। महुआ जैसे पेड़ों को काटने के लिए विभागीय अनुमति आवश्यक होती है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी एवं वन विभाग के उच्चाधिकारियों से अवैध कटान पर तत्काल रोक लगाने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
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