रिपोर्ट-जैगम हलीम
कौशाम्बी : चायल तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत सैय्यद सरावां में तालाबी भूमि पर कथित अतिक्रमण की शिकायतों के बाद राजस्व विभाग हरकत में आ गया। ग्रामीणों द्वारा दिए गए शिकायती प्रार्थना पत्र और मामले के मीडिया में आने के बाद राजस्व अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर तालाबी भूमि की पैमाइश एवं निरीक्षण किया। मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत में स्थित तालाबी नंबरों पर अवैध कब्जे की आशंका को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से शिकायत की थी। ग्रामीणों का आरोप था कि तालाब की भूमि पर मिट्टी डालकर कब्जा किया जा रहा है, जिससे जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा के साथ-साथ मीडिया में भी खबरें प्रकाशित हुई थीं।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए लेखपाल अनूप कुमार पटेल, कानूनगो सुधांशु तथा चकबंदी लेखपाल सुनील ने ग्राम पंचायत पहुंचकर संबंधित भूमि की नाप-जोख की। राजस्व टीम ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों की उपस्थिति में अभिलेखों के आधार पर भूमि की स्थिति का परीक्षण किया और आवश्यक जानकारियां एकत्र कीं।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने अपनी आपत्तियां और शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं। ग्रामीणों का कहना है कि तालाबी भूमि गांव की जल निकासी व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इस पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण भविष्य में गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। वहीं राजस्व अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि अभिलेखों और मौके की स्थिति के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि पैमाइश के दौरान क्या तथ्य सामने आए और प्रशासन की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। लेकिन राजस्व विभाग की सक्रियता के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और यदि कहीं अतिक्रमण पाया गया तो उसे हटाने की कार्यवाही भी की जाएगी। फिलहाल सैय्यद सरावां का यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीण प्रशासन के अगले कदम पर नजर बनाए हुए हैं।
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