Ticker

6/recent/ticker-posts

क़ाज़ीपुर शरीफ़ में महफ़िल-ए-इमाम हुसैन का भव्य आयोजन, कई राज्यों से पहुंचे अकीदतमंद...

रिपोर्ट-जैगम हलीम 

फतेहपुर : आस्तान-ए-आलिया नव्वाबिया, क़ाज़ीपुर शरीफ़ में पीर-ए-तरीक़त सूफ़ी सय्यद मुहम्मद नूरुल हसन नूर मियाँ दामा ज़िल्लहुल आली की सरपरस्ती में महफ़िल-ए-इमाम हुसैन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कौशाम्बी सहित उत्तर प्रदेश और गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखण्ड व मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की शान में अपनी मोहब्बत का नजराना पेश किया। महफ़िल में विभिन्न शहरों से आए उलेमा और शायरों ने अपने तकरीर और कलाम के माध्यम से इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की कुर्बानी, इंसाफ, सत्य और मानवता के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला। कानपुर से आए मौलाना ज़करिया साहब ने कर्बला की शहादत का उल्लेख करते हुए अहले बैत की शिक्षाओं पर अमल करने का संदेश दिया।

वहीं कौशाम्बी से आए मौलाना मुहम्मद इस्हाक साहब ने कहा कि इमाम हुसैन ने राह-ए-ख़ुदा में अपने पूरे परिवार की कुर्बानी देकर इस्लाम की मूल शिक्षाओं को हमेशा के लिए जीवित रखा। गुजरात से आए शायर साबिर नूरानी और साजिद नूरानी ने अपने प्रभावशाली कलाम पेश कर महफ़िल को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के अंत में नूर मियाँ ने अपना लिखा हुआ कलाम सुनाया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। कार्यक्रम का संचालन हाफ़िज़ अब्दुर्रहमान साहब ने किया। उन्होंने नूर मियाँ की शान में शेर पेश करते हुए बैअत (मुरीद) होने की घोषणा की, जिसके बाद विभिन्न राज्यों से आए अनेक लोगों ने नूर मियाँ के हाथों बैअत की सआदत हासिल की।

पूरे आयोजन की व्यवस्थाएँ सय्यद मुजीबुल हसन मियाँ की देखरेख में संपन्न हुईं। आयोजन में हनीफ़ भाई, आरिफ़ भाई, इरफ़ान अबुल उलई, साबिर नूरानी, क़ाज़ी मोईन, मंज़ूर, साहिर हाशिम, इमरान पिंटू, आबिद, मुहम्मद अहमद प्रधान, उमर प्रधान, मुन्ना प्रधान, अजमल साहब, नन्नू भाई, असलम सहित अनेक लोगों ने सेवाएँ दीं। खानकाह-ए-नूरिया की ओर से श्रद्धालुओं के लिए लंगर की विशेष व्यवस्था की गई। अंत में सलात-ओ-सलाम के बाद नूर मियाँ ने देश में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ कराई, जिसके साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

Post a Comment

0 Comments