रिपोर्ट-संजीत कुमार
प्रयागराज : जनपद में पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के गोविंदपुर तेवारा और भीखपुर मेड़वारा गांव के समीप लगभग आधा दर्जन आरा मशीनें अवैध रूप से चलाई जा रही हैं, इन आरा मशीनों पर खुलेआम हरे प्रतिबंधित पेड़ों को काट कर उनकी लकड़ियों को लाया जाता है जिन्हें खुलेआम चीर कर उपयोगी लकड़ियों में तब्दील किया जाता है, इन्हीं आरा मशीनों के चलते वन माफियाओं के हौसले और बुलंद हो गए हैं जो रात के अंधेरों में स्थानीय थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर हरे पेड़ों की कटाई करते हैं जिसके बाद रातों रात उनकी लकड़ियों को इन्हीं आरा मशीनों पर पहुंचा देते हैं । अवैध रूप से चल रही इन आरा मशीनों की शिकायत कई बार स्थानीय ग्रामीणों ने संबंधित क्षेत्रीय रेंजर से किया लेकिन स्थानीय वन दरोगा और थाना के पुलिस की मिलीभगत के चलते यह मशीने अवैध रूप से चल रही है, इन आरा मशीनों पर कोई रोक नहीं लगाई गई है, आरा मशीन पर ही काम कर रहे एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि क्षेत्र के वन दरोगा बराबर हर महीने अपना कमीशन ले रहे हैं उसका कहना है कि स्थानीय थाना के हल्का सिपाही और दरोगा को भी आरा मशीनों से मोटी रकम पहुंचाई जाती है, जिससे यह साफ जाहिर हो रहा है कि जिम्मेदारों की ही सरपरस्ती में मानक विहीन बिना लाइसेंस के यह आरा मशीन संचालित हो रही है, जिससे क्षेत्र में हरे प्रतिबंधित पेड़ों की कटाई जोरों से चल रही है ।
इसका एक कारण और भी सामने आ रहा क्योंकि यह क्षेत्र जनपद कौशांबी और प्रयागराज के बीच का है इसलिए वन विभाग भी अपना पल्ला झाड़ने का काम करता है वही पुलिस भी कौशांबबी से संबंधित है जिसका फायदा वन माफिया और यह अवैध रूप से संचालित हो रही आरा मशीनों के संचालक उठा रहे हैं, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी प्रयागराज का ध्यान इस ओर आकृष्ट करा कर अवैध रूप से चल रही नारा मशीनों को बंद कराए जाने की मांग किया है ।
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