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परिवार नियोजन को लेकर पुरूषों में भी आ रही जागरूकता, महिलाओं में पीपीआईयूसीडी छाया तो पुरूषों में कंडोम का क्रेज...

ब्यूरो रिपोर्ट-जतन सिंह


महोबा : जनपद में 25 सितंबर 2020 को परिवार नियोजन में साझेदारी, महिला-पुरूष दोनों की जिम्मेदारी’ यह स्लोगन इस बार चरित्रार्थ होता दिखाई दे रहा है वैसे तो परिवार नियोजन अपनाने में महिलाएं पुरूषों से आगे रहती हैं, लेकिन इस बार पुरूषों में गर्भनिरोधक उपायों को अपनाने का क्रेज बढ़ा है, पीपीआईयूसीडी व छाया के इस्तेमाल में महिलाएं आगे आई हैं तो कंडोम के उपयोग में पुरूष गर्भनिरोधक उपायों के प्रति जागरूकता फैलाने और युवाओं को सही उम्र में प्रजनन का निर्णय लेने में सक्षम बनाने के लिए 26 सितंबर को ‘विश्व गर्भनिरोधक दिवस’ मनाया जाता है ।
जनसंख्या नियंत्रण और मातृ शिशु मृत्यु दर कम करने का केंद्र व राज्य सरकारें लगातार प्रयास कर रही हैं। लोगों में यौन जागरूकता बढ़ाने, अनियोजित गर्भधारण तथा यौनजनित रोगों एसटीडी से बचाव के बारे में बताया जा रहा है, नोडल, एसीएमओ डॉक्टर सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि परिवार नियोजन के लिए चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों का नतीजा है कि इस साल वैश्विक महामारी के बावजूद भी अप्रैल से अगस्त तक महिलाओं ने 660 पीपीआईयूसीडी लगवाई हैं, इसके अलावा अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए 3417 छाया टेबलेट भी अपनाई गई, जबकि पिछले पूरे साल में 927 पीपीआईयूसीडी और 828 छाया की खपत हुई, इसी तरह इस वर्ष अप्रैल से अगस्त तक 154656 पीस कंडोम और पिछले पूरे साल में 157729 लोगों तक पहुंचाए गए, यह आंकड़ा बताता है कि पुरूषों में भी परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता आ रही है, जिला परिवार नियोजन एंड लाजिस्टिक मैनेजर जितेश सोनी का कहना है कि महिलाओं की आपेक्षा पुरूषों ज्यादा जागरूक करने की जरूरत है पुरूषों में यह भ्रांति है कि नसबंदी से कमजोरी आती है, उन्होंने बताया कि जिला पुरूष व महिला अस्पताल समेत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाल लगाकर गर्भ निरोधक संसाधनों के बारे में बताया और जागरूक किया जाएगा गर्भ निरोधक अपनाने में मिलती है प्रोत्साहन राशि गर्भ निरोधक संसाधनों को अपनाने में लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए मिशन परिवार विकास की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ राजेश प्रजापति ने बताया कि पुरूष नसबंदी पर 3000 तथा महिला नसबंदी पर 2000 रूपये लाभार्थी को दिए जाते हैं, जबकि डिलेवरी के 48 घंटे के भीतर नसबंदी कराने में महिला 3000 तथा डिलेवरी के बाद पीपीआईसीडी में महिला को 300 रूपये मिलते हैं ।

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