ब्यूरो रिपोर्ट-जतन सिंह
महोबा : जनपद में 29 सितंबर 2020 को गर्भ में पल रहे बच्चे का स्वास्थ्य उसकी माता के खानपान व पोषण पर निर्भर करता है। इसी पोषण की महत्ता के प्रति जागरूकता के लिए कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए मंगलवार को जनपद के आंगनबाड़ी केंद्रों व गर्भवती के घर जाकर गोदभराई की रस्म अदा की गई। गर्भवती को चुनरी ओढ़ाकर और टीका लगाकर मंगल गीत के साथ गोद भराई की गई। छह माह तक नवजात शिशु को सिर्फ स्तनपान कराने के लिए प्रेरित किया गया, पोषण माह में इस दिवस का महत्व और बढ़ जाता है, गर्भवती को उपहार के रूप में पोषण की पोटली दी गई है पोटली में गुड़, चना, हरी पत्तेदार सब्जियां, आयरन की गोली, पोषाहार व फल आदि था। शहर के गांधी नगर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेंद्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि शिशु के जन्म के एक घंटे के भीतर मां का पीला गाढ़ा दूध बच्चे की रोग प्रतिरोधिक क्षमता को बढ़ाता है। अगले छह माह तक केवल मां का दूध बच्चे को कई गंभीर रोगों से सुरक्षित रखता है, छह माह के बाद बच्चे का शारीरिक एवं मानसिक विकास काफी तेजी से होता है। तब स्तनपान के साथ ऊपरी आहार की जरूरत होती है, सदर क्षेत्र की बाल विकास परियोजना अधिकारी सीडीपीओ यासमीन जहां ने कहा कि गर्भवती, किशोरियां व बच्चो में एनीमिया की रोकथाम जरूरी है, गर्भवती को 180 दिन तक आयरन की एक लाल गोली जरूर खाना चाहिए, 10 से 19 साल की किशोरियों को भी प्रति सप्ताह आयरन की एक नीली गोली का सेवन करना चाहिए द्य छह माह से पांच साल तक के बच्चों को सप्ताह में दो बार एक-एक मिलीलीटर आयरन सिरप देना चाहिए। स्वस्थ भारत प्रेरक सुशील कुमार ने कोरोना संक्रमण से बचने लिए 20 सेकंड तक हाथ धोने तथा शारीरिक दूरी के बारे में भी समझाया ।
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