रिपोर्ट-जैगम हलीम
कौशाम्बी : हमेशा चर्चा में रहने वाला गांव कसेन्दा इस बार अलग तरह की चर्चा में है गांव के ही जफर अहमद रोडबेज बस में कंडक्टर थे रिटायर होने के बाद इन्होनें पत्नी सहित हज पर जाने का फैसला किया। जैसे ही इसकी खबर गांव को लगी गांव में एक हुजूम सा आ गया हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल बन गांव के सभी धर्म के लोग जफर अहमद और उनकी पत्नी इसरत जफर की विदाई में निकल पड़े। मक्का मदीना मुस्लिमों का मरकज हमेशा से रहा है ज्यारत करने के लिए सदियों से चल रही प्रथा की कड़ी में गुरुवार को पिपरी थाना क्षेत्र के ग्राम कसेन्दा निवासी जफर अहमद और उनकी पत्नी इसरत जफर मक्का मदीना की ज़्यारत करने के लिए निकले। गांव के लोग फूल माला पहना कर उनके स्वागत सम्मान में उमड़ पड़े। वहीं कौशाम्बी कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष तलत अजीम की अगुवाई में भी दर्जनों लोगों ने हज की मुबारकबाद देते हुए फूल माला पहना कर जफर अहमद और इसरत जफर की बेहतरीन तरीके से विदाई की। साथ ही गांव की खुशहाली तरक़्क़ी, मुल्क में अमन के लिए दुआ करने का निवेदन भी किया। इस मौके पर कसेन्दा प्रधान सुखलाल यादव, मोहम्मद साजिद, जमशेद, इब्राहि, इम्तेयाज अख्तर, नरेंद्र यादव, मैहर लाल, सरवन यादव मजहर, लाईक, सैफ, अजीम, अशरफ, कमर, अमीर अहमद, नफीस अहमद, कमलेश कुमार, मोहम्मद खालिद, लवकुश कुमार, अमजद, माजिद अली, आरिफ अहमद सहित तमाम लोग उपस्थित रहें ।
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