Ticker

6/recent/ticker-posts

माघ मेले में साधु-संतों के वैभव पर बहस, सतुआ बाबा की लग्ज़री कारें बनीं चर्चा का विषय....

ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह 

प्रयागराज : जनपद में चल रहे माघ मेले में इस बार साधु-संतों की साधना के साथ-साथ उनके वैभव को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। विशेष रूप से सतुआ बाबा पीठ के प्रमुख जगद्गुरु महामंडलेश्वर संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा अपने ठाट-बाट, काफिले और महंगी लग्ज़री गाड़ियों को लेकर सुर्खियों में हैं।
माघ मेले में सतुआ बाबा जब लैंड रोवर डिफेंडर कार से पहुंचे तो वह आकर्षण का केंद्र बन गए। इसके बाद करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की पोर्शे कार उनके काफिले में शामिल होने से चर्चाओं को और हवा मिल गई। मेला क्षेत्र स्थित उनके शिविर में पोर्शे कार का विधि-विधान से पूजन भी किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है।

अध्यात्म और आधुनिकता के संगम पर छिड़ी बहस...

एक ओर माघ मेला साधना, तप, त्याग और अध्यात्म का प्रतीक माना जाता है, वहीं दूसरी ओर साधु-संतों की महंगी गाड़ियों और आलीशान जीवनशैली ने नई बहस को जन्म दे दिया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जो संत सांसारिक मोह-माया त्यागने का संदेश देते हैं, वे लग्ज़री कारों और महंगे लाइफस्टाइल के मोह से कैसे जुड़े हुए हैं। हालांकि, समर्थकों का कहना है कि यह बाबा की गरिमा, गुरु की कृपा और उनकी लोकप्रियता का प्रतीक है, जबकि आलोचक इसे त्याग और वैराग्य की अवधारणा के विपरीत मान रहे हैं।

सतुआ बाबा का बयान अध्यात्म कभी गरीब नहीं रहा...

इन चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए सतुआ बाबा ने कहा कि यह सब गुरु के आशीर्वाद और परंपरा की कृपा है। उन्होंने कहा,
“अध्यात्म कभी गरीब नहीं रहा है। कृपा हमेशा बढ़ाती है। जब मिट्टी को ऊंचा करने से शिव का स्वरूप हो सकता है, तो संसार में कोई भी प्राणी नीचा नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गाड़ियों की कीमत या ब्रांड का कोई महत्व नहीं है। डिफेंडर हो या कोई और गाड़ी, हमारे लिए वह सिर्फ कर्तव्य तक पहुंचने का साधन है। जिस साधन की आवश्यकता होगी, उसका उपयोग किया जाएगा।

माघ मेले में बना सबसे चर्चित चेहरा...

फिलहाल माघ मेले में सतुआ बाबा न सिर्फ अपने प्रवचनों, बल्कि अपनी डिफेंडर और पोर्शे कारों को लेकर भी सबसे ज्यादा चर्चित साधु-संतों में शामिल हो गए हैं। अध्यात्म और आधुनिकता के इस मेल ने माघ मेले को एक नई बहस और चर्चा का केंद्र बना दिया है।

Post a Comment

0 Comments