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जंगल में टैग लगे गौवंशों के अवशेष मिलने से हड़कंप, गौ रक्षा संगठनों ने लगाए गोकशी के आरोप...

रिपोर्ट-जैगम हलीम 

कौशाम्बी : सैनी कोतवाली क्षेत्र के धुमाई गांव के जंगल में गेंदिया नदी किनारे शनिवार को टैग लगे कई गौवंशों के अवशेष मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना पर राष्ट्रीय बजरंग दल एवं राष्ट्रीय गौ रक्षा परिषद के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद पुलिस और पशुपालन विभाग की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। राष्ट्रीय बजरंग दल एवं राष्ट्रीय गौ रक्षा परिषद के जिलाध्यक्ष राजवीर मौर्य ने बताया कि मामले की सूचना तत्काल सिराथू क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र कुमार तिवारी को दी गई। उस समय फतेहपुर जनपद के खखरेरू थाना पुलिस भी मौके पर मौजूद थी। पशुधन अधिकारी संजय कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। बताया गया कि यह स्थान फतेहपुर जनपद के बिछियांवा गांव स्थित अस्थायी गौशाला से करीब 200 मीटर दूर, कौशाम्बी के धुमाई जंगल में गेंदिया नदी के किनारे स्थित है। पुलिस एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौके पर मिले अवशेष उन गौवंशों के हैं जिनकी पहले ही मृत्यु हो चुकी थी या जो मरणासन्न अवस्था में थे।

अधिकारियों के अनुसार ऐसे पशुओं को गौशाला कर्मियों द्वारा यहां लाकर फेंका जाता था। वहीं राष्ट्रीय बजरंग दल एवं राष्ट्रीय गौ रक्षा परिषद के जिलाध्यक्ष राजवीर मौर्य तथा फतेहपुर गौरक्षा समिति के आशीष शुक्ला ने प्रशासन के दावे पर सवाल उठाते हुए गोकशी की आशंका जताई। उनका आरोप है कि घटनास्थल पर पेड़ों से बंधी रस्सियां और संदिग्ध रक्त के निशान मिले हैं, जिससे गौवंशों की हत्या किए जाने की आशंका मजबूत होती है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई तथा गौशालाओं की व्यवस्थाओं की भी जांच कराने की मांग की।

घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। जांच के बाद पुलिस और पशुपालन विभाग की मौजूदगी में जेसीबी से गड्ढा खोदकर मिले अवशेषों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कराया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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