ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह
कौशाम्बी : फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) के तत्वावधान में स्वस्थ भारत अभियान के तहत एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) से मुकाबला विषय पर जन-जागरूकता रैली निकाली गई। रैली का शुभारंभ मधु वाचस्पति ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के मुख्य द्वार से हुआ। रैली ने आसपास के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को एंटीबायोटिक दवाओं के सही और जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक किया। इसमें कौशाम्बी क्षेत्र के विभिन्न महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन वाराणसी क्षेत्रीय प्रमुख एवं यूनाइटेड इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के निदेशक डॉ. आलोक मुखर्जी के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान मधु वाचस्पति इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के निदेशक डॉ. अर्जुन सिंह, मधु वाचस्पति इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के निदेशक डॉ. एसपी गौतम तथा ग्रुप के डीन अजय सिंह मौजूद रहे। रैली की नोडल अधिकारी शिवानी यादव ने कार्यक्रम के संचालन और समन्वय की जिम्मेदारी निभाई। रैली में शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने नारों एवं जागरूकता संदेशों के माध्यम से लोगों को बताया कि बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। दवाओं का अनावश्यक या गलत इस्तेमाल एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस को बढ़ावा देता है। जिससे भविष्य में सामान्य संक्रमण का इलाज भी मुश्किल हो सकता है।
कार्यक्रम में संदीप, नयन मिश्रा, निकिता गुप्ता, अरुणेश कुमार द्विवेदी, हिमांशु मिश्रा, आशुतोष कुमार मिश्रा, राघवेंद्र प्रताप सिंह सहित शिक्षकगण तथा महक केसरवानी, दीपांकर बिंदुसार, शिवम सिंह, शिखा श्रीवास्तव, रोहित कुमार बिंद और महेंद्र मैथ्यू सहित कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता की। आयोजकों ने कहा कि एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध की रोकथाम के लिए जनभागीदारी और जिम्मेदार दवा उपयोग बेहद जरूरी है। जागरूकता रैली के माध्यम से लोगों को स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।
0 Comments