ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह
कौशाम्बी : जनपद में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चायल के सैय्यद सरावां गांव में बैंक ऑफ बड़ौदा के बगल चौराहे पर एक स्कूली मास्टर क्लीनिक खोल कर झोलाछाप डॉक्टर बना बैठा है जो अपनी नीली पीली दवाइयों की दुकान खुलेआम चला रहा है, ग्रामीणों का आरोप है कि फर्जी डॉक्टर ने क्षेत्र में फैले गांव गांव के झोलाछाप डॉक्टरों और आशाओं से कमीशन देने की बात पर ग्रुप बना रखा है, जिसके दम पर मरीजों से गंभीर से गंभीर बीमारियों के इलाज करने का दावा करता है, जिसकी बातों में आकर इस वैश्विक महामारी के दौर में भी भोले भाले गरीब अपनी जेब कटवाने को मजबूर हैं ।
बताया जा रहा है कि झोलाछाप डॉक्टर पिपरी के मखऊपुर गांव का रहने वाला है, जो सालों पहले तक बच्चों को शिक्षा देने का काम करता था, जो अब चरवा थाना क्षेत्र के सैयद सरावां ग्रामीण बैंक के बगल में चौराहे पर एक क्लीनिक खोल लिया है, इन दिनों कोरोना काल में सरकारी गाइड लाइनों के बाद भी अपनी क्लीनिक बदस्तूर नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए चला रहा है, लोगों के अनुसार झोला छाप डॉक्टर गंभीर से गंभीर बीमारियों को ठीक करने का भरपूर दावा करता है, साथ ही क्लीनिक के अंदर गर्भपात से लेकर बड़े से बड़ा ऑपरेशन भी कर डालता है ।
स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी ने दबे मुंह बताया कि झोलाछाप डॉक्टर ने क्लीनिक का फर्जी रजिस्ट्रेशन करा रखा है और सीएमओ कार्यालय में अच्छी सेटिंग बना लिया है जिसके चलते अपनी दुकान खुलेआम खोल कर बैठ गया है, इस फर्जी क्लीनिक में सबसे बड़ी खामी तो यह देखने को मिली है कि क्लीनिक में कहीं भी साफ सफाई का ध्यान नहीं रखा गया है क्लीनिक में खुद फर्जी डॉक्टर भी मास्क नहीं लगाता है साथ ही सैनिटाइजर की व्यवस्था भी नही है ना ही आने जाने वाले मरीजों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है जो चिंता का विषय है, क्लीनिक में नर्सिंग एक्ट को भी तार-तार किया जा रहा है, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कौशाम्बी का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराकर झोलाछाप डॉक्टर पर दंडात्मक कार्यवाही कराने की मांग किया है ।
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