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महानगरों में इलाज कराने में प्रवासी कामगारों को नहीं होगी कोई समस्या,सूची में है नाम तो शहर वापसी से पहले बनवा लें गोल्डन कार्ड- सीएमओ.....

ब्यूरो रिपोर्ट-जतन सिंह



महोबा : जनपद में 8 सितंबर 2020 को देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान महानगरों से अपने गाँव वापस आए प्रवासी कामगारों को भविष्य में गंभीर इलाज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। अब उन्हें पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाया जा रहा है, जिले में अब तक करीब 192 प्रवासी मजदूरों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रवासी कामगारों से जल्द से जल्द नजदीक के सीएचसी, कॉमन सर्विस सेंटर पर पहुंचकर गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है, कोविड-19 के कारण देश के अलग-अलग शहरों से कामगारों को अपने घर लौटना पड़ा था । अब सरकार प्रवासी और उनके परिवार को गोल्डन कार्ड मुहैया करा रही है, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. मनोज कांत सिन्हा का कहना है कि प्रवासी कामगारों की सूची के तहत गोल्डन कार्ड बनाने की प्रक्रिया चल रही है इन प्रवासी कामगारों के प्रत्येक सदस्य के इलाज की सुविधा योजना के पैनल में शामिल अस्पतालों में मिलेगी, वह योजना से संबंद्ध देश के किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में जाकर इलाज करा सकते हैं, सीएमओ ने कहा कि योजना के तहत जिला पुरुष व महिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को पैनल में शामिल किया गया है जहां पर प्रवासी मजदूरों के निःशुल्क गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं, अभी तक करीब 192 प्रवासी मजदूरों का गोल्डन कार्ड बनाया जा चुका है, आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में 65868 परिवार के गोल्डन कार्ड बनने हैं । अब तक 72735 के गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं, उन्होंने कहा कि जिन प्रवासी कामगारों को गोल्डन कार्ड बनवाना है, वह नजदीक के सीएचसी पर आधार कार्ड व राशन कार्ड के साथ पहुंचकर अपना गोल्डन कार्ड जल्द से जल्द बनवा लें, कैसे जाने आपका नाम है या नहीं, निःशुल्क हेल्पलाइन नंबर 180018004444 पर काल करके, अपने क्षेत्र की आशा से भी जानकारी ले सकते हैं, जनसेवा केंद्र में जाकर, अस्पतालों में तैनात आरोग्य मित्रों के द्वारा भी जानकारी ली जा सकती है, वेबसाइट पर जाकर भी चेक किया जा सकता है ।

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