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हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कोटरा में शंकर जी की मढिया पर हुआ श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान सप्ताह यज्ञ का आयोजन....

रिपोर्ट-अरुण द्विवेदी

 

जालौन : जनपद के कस्बा कोटरा में बुंदेलखंड के गौरव कोटरा के ही निवासी अपनी अमृतमयी वाणी से श्रोताओं का सम्मोहन करने वाले श्रेष्ठ वक्ता पंडित श्री कृष्ण बिहारी तिवारी उर्फ टिंकू महाराज जी ने आज अंतिम दिवस की कथा में श्री सुदामा चरित्र की कथा सुनाई जो कि अकल्पनीय अवर्णनीय एवं अकथनीय एवं अन्य कथा वाचकों से एकदम भिन्न थी उन्होंने बताया बचपन में जब गुरु माता द्वारा प्रदत चने जो कृष्ण से छुपकर सुदामा जी ने खा लिए थे वह श्रापित थे एक गरीब ब्राह्मणी और उसके चार बिन बाप के बच्चे जो भूख से तड़प रहे थे उन बच्चों का पेट भरने के लिए मां ने पड़ोस में मजदूरी की और 3 मुट्ठी चने कमाए लेकिन उन चनों को भी रात्रि में चोरों द्वारा चुरा लिया गया और पकड़े जाने के भय से उन चोरों ने संदीपन गुरु के आश्रम में चनों को रख दिया सुबह जब उन चनों की खोज ब्राह्मणी द्वारा की गई और चने ना मिले तो भूख से तड़प तड़प कर उन चारों बच्चों ने अपनी जान दे दी तब ब्राह्मणी ने आत्मदाह करने से पहले उन चनों को श्राप दे दिया कि जो भी इंन चनों का सेवन करेगा वह पूरी जिंदगी दरिद्र रहेगा सुदामा जी इस रहस्य को जानते थे इसलिए उन्होंने अपने मित्र कृष्ण को दरिद्रता से बचाने के लिए स्वयं उन चनों का सेवन कर लिया और मित्रता का एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया संगीतमय कथावाचक श्री टिंकू महाराज जी का साथ दिया उनके सहयोगी नाल वादक गया प्रसाद सिकरी एवं अमित तिवारी कोटरा ने एवं पारीक्षित की सुंदर भूमिका निभाई श्री मठोले गुप्ता कक्काजू ने एवं संजू स्वामी जीने साउंड सर्विस की उत्तम व्यवस्था की श्रोताओं में प्रमुख रहे श्री जवाहरलाल स्वामी पूर्व चेयरमैन,लालमन स्वामी, बृजेंद्र स्वामी,गंभीर स्वामी,विनोद स्वामी, भैयालाल स्वामी,पप्पू स्वामी, महेश चंद्र चतुर्वेदी, सौरव स्वामी खूबचंद श्रीवास, शिल्पी स्वामी, सैकी स्वामी, उपमा तिवारी, अंत में ज्ञान के भंडार श्रेष्ठ वक्ता पंडित श्री राम राजा तिवारी जी ने सभी का आभार व्यक्त किया है ।

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