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बेखौफ लकड़ी माफियाओं ने काट डाले 27 विशालकाय पेड़, जिम्मेदारों की मिली भगत से हो रहा खेल...

रिपोर्ट-मोहन लाल 

कौशाम्बी : जनपद में वन विभाग की लापरवाही और लकड़ी माफियाओं से संलिप्तता के चलते लकड़ी माफियाओं के हौसले बुलंद हैं बेखौफ तरीके से जिले में हरे पेड़ काटे जा रहे हैं लेकिन उसके बाद भी लकड़ी माफियाओं पर कार्रवाई होती नहीं दिख रही है जिससे विभागीय अधिकारियों की संलिप्तता पर सवाल उठना शुरू हो गया है आला अधिकारियों के मुख्यालय में मौजूद होने के बाद भी जनपद मुख्यालय में भी हरे पेड़ सुरक्षित नहीं रह गए हैं, बेखौफ लकड़ी माफिया हरे पेड़ों को काटकर उसकी लकड़ियां उठा ले जाते हैं लेकिन उन पर कार्यवाही नहीं हो रही है शनिवार के दिन मंझनपुर मुख्यालय में डीएम आवास के सामने की सड़क में जलनिगम के गोदाम के पास 27 हरे विशाल पेड़ काट दिए गए हैं, थाना पुलिस और वन विभाग के अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं पूरे दिन दो दर्जन मजदूरों को लेकर लकड़ी माफिया पेड़ काटते रहे बड़े बड़े वाहनों में हरे पेड़ की लकड़ियों को लेकर पूरे दिन वाहनों से लकड़ी का परिवहन किया जाता रहा लेकिन वन विभाग के अधिकारी लकड़ी माफियाओं को रोक नहीं सके, चर्चाओं पर जाएं तो वन विभाग के चर्चित वन दरोगा के जरिए अफसरों तक रुपए पहुंचाने के नाम पर लकड़ी माफिया से पचास हजार का ठेका हुआ है, चर्चित वन दरोगा के चलते विभागीय अधिकारी भी लकड़ी माफिया पर कार्रवाई करने का साहस नहीं कर सके है, मिली जानकारी के मुताबिक जिलाधिकारी आवास के सामने बबुरा ग्राम सभा में जल निगम के गोदाम के पास 7 गूलर के पेड़ 10 नीम के पेड़ सहित कुल 27 हरे विशाल पेड़ शनिवार के दिन लकड़ी माफियाओं ने काटकर दिया है और मुख्यालय में बैठे वन विभाग के डीएफओ से लेकर रेंजर तक डफली बजाते रह गए, विभाग का एक मठाधीश वन दरोगा 50 हजार की सौदेबाजी कर के लकड़ी माफियाओं को हरे भरे हुए पेड़ को काटने और लकड़ी ले जाने की छूट दे दिया है मुख्यालय में बैठे रेंजर और डीएफओ धृतराष्ट्र बनकर रह गए हैं, विभागीय संलिप्तता कि हद तो तब हो गई जब विभाग के नाक के नीचे 27 विशाल हरे पेड़ काट दिए जाने की जानकारी नहीं हो सकी जिले के तीनों रेंज क्षेत्र में प्रतिदिन लकड़ी माफिया हरे पेड़ों के कटान में सक्रिय हैं और प्रभागीय वन अधिकारी धृतराष्ट्र की भूमिका निभा रहे हैं, लोगों ने डीएम एसपी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए लकड़ी माफियाओं पर मुकदमा दर्ज कराए जाने की मांग की है यदि शासन ने हरे पेड़ों के अवैध कटान के मामले को गंभीरता से लिया तो वन विभाग के प्रभारी वनाधिकारी और मंझनपुर रेंजर पर बड़ी कार्यवाही हो सकती है ।

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