रिपोर्ट-रामबाबू गुप्ता
कौशाम्बी : जनपद में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण की योजनाओं का लाभ किसानों को देने के उद्देश्य से सरकार ने बलीपुर टाटा गांव में राजकीय पौधशाला की शुरुआत कराई थी इस पौधशाला में अधीक्षक समेत कई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है लेकिन यह पौधशाला अनाथ हो गया है, विभाग के अधिकारी इसकी अव्यवस्था को देखने के लिए कतई तैयार नहीं है जिसके चलते दो कर्मचारियों के सहारे राजकीय पौधशाला का पूरा कार्यभार संचालित हो रहा है, अधीक्षक के फरार रहने के चलते पूरी नर्सरी चौपट हो गई है पौधे सूख गए हैं नर्सरी में कूड़ा करकट का ढेर लगा हुआ है साफ सफाई की व्यवस्था नहीं है, अभिलेखों में भले ही इस नर्सरी में लाखों पौधे तैयार किए जाते हैं लेकिन हकीकत यह है कि इस नर्सरी में हजार पौधे भी तैयार नहीं हो पा रहे हैं ।
नर्सरी के अधीक्षक कई कई महीने बीत जाने के बाद पौधशाला में नहीं पहुंचते हैं फिर भी फर्जी तरीके से उनकी उपस्थिति दर्ज कर दी जाती है जिला उद्यान अधिकारी द्वारा प्रत्येक महीने उनको वेतन किया जा रहा है जो उद्यान विभाग की भ्रष्टाचार व्यवस्था पर करारा तमाचा है, नाम नही छापने की शर्त पर मौके पर मौजूद एक कर्मचारियों ने बताया कि उद्यान विभाग के राजकीय पौधशाला का नलकूप खराब है, वही ग्रामीणों की मानें तो नलकूप की मरम्मत के नाम पर भी लाखों रुपए का बजट अधीक्षक निकाल रहे हैं, फिर भी नलकूप खराब है चर्चाओं पर जाएं तो जानबूझ कर नलकूप को खराब कर दिया गया है जिससे पौधे सूखने के बाद उनके बचाव के लिए यह कहने का मौका रहे कि नलकूप खराब है जिससे सिंचाई नहीं हो पाती है जबकि यह बात सच्चाई से काफी दूर है ।
अधीक्षक और अन्य कर्मचारियों की अनुपस्थिति के चलते नर्सरी अनाथ हो चुकी है जिससे पौधे तैयार नही हो पा रहे हैं इसके बाद भी जिला उद्यान अधिकारी ने राजकीय पौधशाला की चौपट व्यवस्था को सुधारने का तनिक भी प्रयास करते नही दिख रहे है जिससे उनकी मंशा पर भी बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं इस संबंध में जिला उद्यान अधिकारी और राजकीय पौधशाला के अधीक्षक से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन काफी प्रयास के बाद बात नहीं हो सकी है, इससे साफ जाहिर हो रहा है कि वह किस तरह सरकार की मंशा को ठेंगा दिखाकर बेलगामी की राह पर चल रहे हैं ।
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