रिपोर्ट-सुल्तान मोहम्मद
कौशाम्बी : जनपद में भांग की बिक्री से 100 गुना अधिक कीमत देकर ठेका लेने वाले भांग के ठेकेदार आखिर क्या बेचकर भरपाई करते हैं, यह जांच का विषय है लेकिन पुलिस विभाग से लेकर आबकारी विभाग तक भांग के ठेके में पलने वाले गुनाहों की जांच करने के बजाय ठेकेदारों के बचाव में ऊर्जा लगाते दिख रहे हैं, बीते दिनों चायल सर्किल क्षेत्र के भांग ठेके में गांजा बेचते हुए वीडियो वायरल होने के बाद भी कार्यवाही नहीं हो सकी है, जिससे व्यवस्था से जुड़े लोगों पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है वैसे तो जिले के लगभग अधिकत्तर भांग के ठेके गांजा बेचने के लिए पिछले तीन दशक से बदनाम है लेकिन बेखौप तरीके से कुछ दिन पहले पिपरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत भांग की दुकान में खुलेआम गांजा बेचने का वीडियो वायरल हो हुआ है, जिसमें ठेकेदार के कर्मचारियों का और खरीददारों के बीच बातचीत भी सब कुछ स्पष्ट कर रही है लेकिन गाँजा बेचने की बात ना तो पुलिस मानने को तैयार है ना आबकारी अधिकारी गाँजा बिक्री की बात को मानने के लिए तैयार है, वही चायल सर्किल में अधिकारियों के आंख में धूल झोंक कर गांजा तस्कर भांग के ठेके पर गांजा बेचने का कार्य करते है, जिले के बड़े अफसर तो गांजा विक्रय की बात सिरे से खारिज कर रहे हैं चायल पुलिस चौकी क्षेत्र के जिस दुकान में गांजा बिक्री की बात हो रही है यह दुकानदार पिछले दो दशक से गांजा बिक्री के बदनाम है दूसरी तरफ चंद दूरी पर सीओ कार्यालय है फिर भी गांजा बिक्री करने वाले पर कोई कार्यवाही नही हो रही है, ठेकेदार सरकारी कीमत की एक वर्ष में जितनी भांग की बिक्री करता है उससे 100 गुना अधिक की रकम पर वह सरकार को भांग के ठेका की नीलामी में देता है आखिर इस दुकानदार के पास भांग बिक्री से 100 गुना अधिक नीलामी में ठेका लेने के पीछे आमदनी का क्या श्रोत है इस पर भी पुलिस से लेकर शासन प्रशासन के अधिकारियों ने अभी तक जांच नहीं कराई है, जिससे भांग के ठेके के आड़ में बेखौफ तरीके से पूरे दिन गाँजा की बिक्री का यह खेल बेखौफ तरीके से चल रहा है जो योगी सरकार की व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है अब चायल की जनता नए एसपी बृजेश श्रीवास्तव से ठेको में गांजा की बिक्री बंद कराए जाने की उम्मीद लगाए बैठी है ।
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