रिपोर्ट-जैगम हलीम
कौशाम्बी : मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल मंझनपुर के महिला वार्ड में प्रसव के लिए भर्ती प्रसूताओं के सोने के लॉकेट गायब होने के आरोप सामने आने से अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित परिजनों ने मामले की शिकायत मंझनपुर पुलिस से की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। ऊनो गांव निवासी धनेश कुमार मौर्या ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने 11 सितंबर को अपनी पत्नी अंजली देवी को जिला अस्पताल के महिला वार्ड में प्रसव के लिए भर्ती कराया था। करीब 10:56 बजे प्रसव के बाद पुत्र का जन्म हुआ। आरोप है कि इसके बाद स्टाफ नर्स ने उनसे 1500 रुपये की मांग की। धनेश के मुताबिक उनकी मां ने नर्स को 500 रुपये दिए। दोपहर करीब 12 बजे अंजली को लेबर रूम से वार्ड में लाया गया। आरोप है कि अंजली ने बताया कि प्रसव के दौरान उसके गले में पहना सोने का लॉकेट नर्स ने उतारकर रख लिया था। लॉकेट के बारे में पूछने पर नर्स ने जानकारी होने से इनकार कर दिया।
इसी तरह रामपुर बढ़नावां निवासी महेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी मोनिका यादव को 11 सितंबर की रात करीब आठ बजे प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। रात करीब 11:10 बजे पुत्र का जन्म हुआ। आरोप है कि स्टाफ नर्स ने उनसे 2500 रुपये की मांग की। उन्होंने 1500 रुपये दिए, लेकिन एक हजार रुपये और देने का दबाव बनाया गया। महेंद्र के अनुसार प्रसव के बाद पत्नी ने अपना सोने का लॉकेट मांगा, लेकिन नर्स ने लॉकेट के संबंध में जानकारी होने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने डायल-112 पर सूचना दी, जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची। लेबर रूम में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक, फिर कैसे गायब आभूषण गायब हो रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के प्रसव कक्ष में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक होने के साथ सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और सीसीटीवी कैमरे लगे होने की बात कही जा रही है। ऐसे में प्रसूताओं के आभूषण गायब होने के आरोपों ने अस्पताल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, प्रसव के बाद मरीजों के परिजनों से कथित तौर पर बख्शीश के नाम पर रुपये मांगने के आरोप भी सामने आए हैं।
हालांकि लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। लगातार सामने आ रही शिकायतों के चलते अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और अस्पताल में प्रसूताओं की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।
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