ब्यूरो रिपोर्ट-सुरेश सिंह
प्रयागराज : शहर पश्चिमी के नीवां क्षेत्र में स्थित नेहरू पार्क पिछले करीब ढाई से तीन दशकों से बंद पड़ा है। कभी क्षेत्र के लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा यह पार्क आज देखरेख के अभाव में जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 1989-90 के आसपास आम जनता के लिए खोले गए इस पार्क में स्टीम बोट, खिलौना ट्रेन, बड़ी झील समेत मनोरंजन की कई सुविधाएं थीं। समय के साथ रखरखाव बंद हुआ तो पूरा परिसर वीरान होता चला गया। स्थानीय नागरिकों और क्षेत्रीय संगठनों की ओर से लंबे समय से पार्क के कायाकल्प की मांग उठाई जा रही है। लोगों ने शहर पश्चिमी के विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह के माध्यम से रक्षा मंत्री को ज्ञापन देकर सेना और प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) के संयुक्त प्रयास से पार्क का जीर्णोद्धार कराने की मांग की है। बताया जाता है कि पार्क का क्षेत्र सेना से संबंधित होने के कारण इसके विकास और आम लोगों के उपयोग को लेकर सेना एवं नागरिक प्रशासन के बीच समन्वय की आवश्यकता है।
खंडित हालत में पड़ी है नेहरू की प्रतिमा...
पार्क की बदहाली के बीच पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा भी खंडित अवस्था में पड़ी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस नेहरू के योगदान और स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका के बारे में बच्चों को पढ़ाया जाता है, उनकी प्रतिमा का इस तरह उपेक्षित पड़े रहना चिंता का विषय है। लोगों ने प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर स्थापित करने अथवा उसका जीर्णोद्धार कराकर सम्मानजनक तरीके से लगाने की मांग की है। पार्क परिसर में जगह-जगह झाड़ियां और जंगल उग आए हैं। बीच से गुजरने वाले नाले से दुर्गंध आने की भी शिकायत है। स्थानीय लोगों के अनुसार परिसर में नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा भी रहता है। हालांकि सुबह-शाम कुछ लोग यहां टहलने और मॉर्निंग वॉक के लिए पहुंचते हैं, लेकिन महिलाएं और बच्चे सुरक्षा कारणों से यहां आने से बचते हैं।
नेहरू पार्क का नाम उस समय भी चर्चा में आया था, जब उमेश पाल हत्याकांड के एक आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था और कुछ समय के लिए यहां पुलिस बल की तैनाती रही थी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पार्क का समुचित विकास कर इसे दोबारा जनता के लिए खोला जाए तो क्षेत्र को एक सुरक्षित और उपयोगी सार्वजनिक स्थल मिल सकता है। कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन दिए जाने के बावजूद अब तक पार्क के कायाकल्प की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।
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