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नियमित टीकाकरण में शामिल होगी न्यूमोकाकल वैक्सीन, कम होगा न्यूमोनिया, डायरिया से बच्चों की मौत का खतरा- मुख्य चिकित्सा अधिकारी...

ब्यूरो रिपोर्ट-जतन सिंह


महोबा : जनपद में 22 जुलाई 2020 को कोरोना काल में निमोनिया की वैक्सीन न्यूमोकोकल कांजुगेट को आठ अगस्त से शुरू हो रहे चतुर्थ चरण के टीकाकरण कार्यक्रम में सम्मलित किया गया है, पांच साल व इससे छोटे बच्चों की मृत्यु का मुख्य कारण न्यूमोनिया और डायरिया होते हैं, स्वास्थ्य विभाग अब न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन पीसीवी टीकाकरण अभियान से इन बीमारियों के कारण होने वाली बच्चों की मौत पर अंकुश लगाएगा, यह बातें जिला स्तरीय प्रशिक्षण में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुमन ने कहीं।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि महानिदेशक परिवार कल्याण डा. मिथिलेश चतुर्वेदी के निर्देश के बाद इसे आठ अगस्त 2020 से नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया गया है, उन्होंने कहा कि यह टीका अब तक सिर्फ निजी अस्पतालों में ही लगता था लेकिन अब सरकारी अस्पताल में ये निःशुल्क लगेंगे। निजी अस्पतालों में पीसीवी की एक डोज की कीमत तीन से चार हजार रुपये है शीघ्र ही यह टीका जिला अस्पताल, सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व उपस्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध होगा । जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. जीआर रत्मेले ने बताया कि न्यूमोकोकल कंजुगेट की तीन डोज इंजेक्शन के रूप में बच्चों को दी जानी है पहला इंजेक्शन बच्चे के डेढ़ महीने का होने पर पेंटा 1 के साथ दूसरा साढ़े तीन महीने पर और तीसरा एमआर के साथ बच्चे के नौ महीने पूरे होने के बाद लगाया जाएगा, बताया निमोनिया किसी भी उम्र में हो सकता है नियमित टीकाकरण में इस वैक्सीन को शामिल किये जाने से बच्चों को निमोनिया का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा। साथ ही वैक्सीन लगने से बड़े होने पर उनको निमोनिया होने की आशंका कम हो जाएगी, प्रशिक्षण में एसीएमओ डॉक्टर सुरेंद्र प्रसाद, एसआरसी डब्ल्यूएचओ डॉक्टर हामिद सईद, एसएमओ डब्ल्यूएचओ डॉक्टर संतोष गुप्ता, जिला कार्यक्रम प्रबंधक ममता अहिरवार, डॉक्टर योगेंद्र कुमार, वीसीसीएम मुनेश दुबे, ओंकार प्रकाश, डॉक्टर रोहित, डॉक्टर ऋषि, जयश्री अरजरिया, डॉक्टर सुनील सचान सहित चिकित्सा प्रभारी, डब्ल्यूएचओ मानीटर उपस्थित रहे ।

क्या है निमोनिया...

निमोनिया फेफड़ों में होने वाला संक्रमण है यह मुख्य रूप से विषाणु या जीवाणु के संक्रमण के कारण होता है, यह बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी के कारण भी हो सकता है इसके अलावा निमोनिया कुछ दवाओं और अन्य बीमारियों के संक्रमण से भी हो सकता है ।

निमोनिया के लक्षण...

निमोनिया होने पर फ्लू जैसे लक्षण महसूस होते हैं, यह लक्षण धीरे-धीरे या फिर तेजी से विकसित हो जाते हैं निमोनिया का मुख्य लक्षण खांसी है बच्चा कमजोर और थका हुआ महसूस करता है बलगम वाली खांसी होती है बुखार के साथ पसीना और कंपकंपी होती है सांस लेने में कठिनाई होती है या सांस तेज चलती है इसके अलावा भूख भी नही लगती है ।


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